चेना नदी पर जलबंध से बुझेगी प्यास

  • राज्य सरकार की मंजूरी 
  • शिवसेना का भगीरथ प्रयास लाया रंग 

भायंदर. राज्य सरकार ने चेना नदी पर जलबंध बनाने की मंजूरी प्रदान की है.30 करोड़ की इस लघु पानी परियोजना के लिए 4 करोड़ रुपये की निधि पहले चरण में मंजूरी के साथ उपलब्ध करा दी गई है.इस जलबंध से 5 एमएलडी पीने का पानी मीरा- भायंदर को मुहैया हो सकता है.

मीरा-भायंदर मनपा का खुद का जलस्रोत नहींं है. पानी के लिए वह दूसरे जलस्रोतों पर पूरी तरह निर्भर है. बरसात में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की पहाड़ियों का पानी वरसावे समुद्री खाड़ी में बह जाता है. जलबंध नहींं होने के कारण पूरा पानी बेकार जाता है. चेना नदी पर जलबंध बनाकर इस पानी का संचय करने और उसे पीने योग्य बनाकर मीरा-भायंदर को आपूर्ति करने का प्रयास क्षेत्र के शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने शुरू किया था.उनका प्रयास रंग लाया और इस योजना को सरकार की हरी झंडी मिल गई.सरनाईक ने बताया कि जलबंध में दो एमएलडी पानी का भंडारण हो सकता है. हालांकि शहर को करीब 5 एमएलडी पानी प्राप्त हो सकेगा.पिछले दिनों सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया था.जलबंध की डिजाइन भी तैयार कर दी है.इस जलबंध से शहर की पानी की किल्लत कुछ हद तक जरूर दूर होगी.

बाल ठाकरे आर्ट गैलरी का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

भायंदर पूर्व में आजाद नगर के पास आरक्षण क्रमांक 122 की जगह पर बहुप्रलंबित बाल ठाकरे आर्ट गैलरी के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 38 करोड़ रुपए अनुदान मंजूर किया है.इसके लिए 2 करोड़ की निधि पहले ही दी थी.मनपा चुनाव से ठीक पहले इस आर्ट गैलरी की निविदा निकालने का विषय स्थाई समिति की बैठक में नहींं लाने पर शिवसेना नगरसेवकों ने जमकर बवाल किया था.सरनाईक ने कहा कि गत18 सितंबर को भूमिपूजन का निश्चय हुआ था,लेकिन सत्तापक्ष भाजपा ने यह कहते हुए भूमिपूजन को टाल दिया कि कुल कितनी निधि खर्च होगी और कहां से आएगी? सरनाईक ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में मनपा के बजट में 5 करोड़ की निधि बाल ठाकरे आर्ट गैलरी के लिए सुरक्षित रखी गई थी.मौजूदा बजट में उसे भी हटा दिया गया.दोनों कार्यों की निधि सह मंजूरी के लिए सरनाईक से मुख्यमंत्री  ठाकरे का आभार जताया है.