एमबीएमसी क्षेत्र में अब तक कुल 5568 केस

  • कोरोना से कराह रहे मीरारोडवासी
  • 27 मार्च को मिला था पहला मरीज
  •  अप्रैल माह में 111 लोग पाजिटिव मिले
  •  मई माह में मरीजों की संख्या पहुंची 285
  •  जून में पाए गए 817 मरीज

अरुण कुमार गुप्ता

भायंदर. मीरा-भायंदर क्षेत्र में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक इस क्षेत्र में 5568 लोग पाजिटिव पाए गए हैं. इन पाजिटिव मरीजों में करीब 46.36 फीसदी मरीज यानी 2582 मरीज सिर्फ मीरा रोड क्षेत्र से मिले हैं, जबकि भायंदर पश्चिम से 1304 यानी 23.42 प्रतिशत और भायंदर पूर्व से 1682 यानी 30.11% मरीज मिले हैं.

 उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में पहला मरीज 27 मार्च को मिला था. मार्च में मरीजों की कुल संख्या 5 थी. अप्रैल माह में यह संख्या बढ़कर 111 हो गई. यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि करीब सवा 2 महीने के लॉकडाउन के बाद जून में अनलॉक-1 में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी और 12 जुलाई तक क्षेत्र में मरीजों की कुल संख्या 5568 तक पहुंच गई. पिछले 8 दिन के रिकॉर्ड को देखें तो पता चलता है कि इस दौरान मीरा रोड कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है.

 5 जुलाई को मिले थे 303 मरीज

 5 जुलाई को सर्वाधिक 303 मरीज मिले थे, जिनमें से मीरारोड के 174, भायंदर पश्चिम के 63, पूर्व के 66 मरीज शामिल हैं. 6 जुलाई को कुल 157 केस सामने आए थे. इसी तरह 7 जुलाई को कुल 162 मरीजों में 86 मीरा रोड से, 48 भायंदर पूर्व से और भायंदर पश्चिम से 28 मरीज मिले. 8 जुलाई को कुल 175 पॉजिटिव केस में मीरा रोड से 82, भायंदर पूर्व से 57, भायंदर पश्चिम से 36 केस सामने आए. 9 जुलाई को 185 नए मरीजों में मीरारोड से 77, भायंदर पूर्व से 65, पश्चिम से 43 मरीज शामिल थे. इसी तरह 10 जुलाई को कुल 213 मरीजों में 112 मीरारोड के थे, जबकि भायंदर पूर्व से 52, पश्चिम से 49 मरीज शामिल थे. 11 जुलाई को 243 मरीजों में मीरारोड 103, भायंदर पूर्व के 81, पश्चिम के 59 मरीज शामिल थे. 12 जुलाई को कुल 119 नए मरीजों में मीरारोड से 45, भायंदर पूर्व से 42 और भायंदर पश्चिम से 30 मरीज शामिल थे.

197 लोगों ने गंवाई जान

 पूरे मीरा-भायंदर की बात करें तो अब तक कुल पॉजिटिव मरीज 5568 मिले हैं, जिनमें से 4113 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 197 लोगों ने अब तक इस वैश्विक महामारी से अपनी जान गंवाई है. क्षेत्र में 1264 अभी भी एक्टिव केस हैं.

कोराना मरीजों का डबलिंग रेट

मरीजों के डबलिंग रेट की बात करें तो 29 मार्च तक 5 पेशेंट थे. 3 अप्रैल को यह आंकड़ा 15 तक पहुंच गया. 6 अप्रैल को 25 और 11 अप्रैल को 51, 18 अप्रैल को 102, 8 मई को 235 व 23 मई को 488, 8 जून को 1021, 20 जून को 2152 और 5 जुलाई को 4314 पॉजिटिव मरीज थे. 

मीरा- भायंदर की विधायक भी हुईं पाजिटिव

कोरोना वायरस किसी से भेदभाव नहीं करता है. पहले तो यह स्लम में पैर पसारे, लेकिन धीरे-धीरे वीआईपी लोगों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू किया. मीरा-भायंदर की विधायक गीता जैन व उनके पति पाजिटिव हुए. इसके साथ ही मनपा के दर्जनों अधिकारियों के पॉजिटिव होने की खबर हैं. हालांकि इस बीच खबर आई कि आयुक्त डॉ. विजय राठौर भी संक्रमित हुए हैं, लेकिन उनकी टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई.

आयुक्त डांगे पर गिरी गाज

क्षेत्र में कोरोना कंट्रोल की बात करें तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल का अभाव दिखा. इसकी मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे पर गाज गिरी. नए आयुक्त डॉ. विजय राठौर आए, लेकिन स्थिति में सुधार नजर नहीं आ रहा है, अलबत्ता लॉकडाउन बढ़ाए जाने से क्षेत्र की जनता खासकर व्यापारी वर्ग परेशान है.

चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर

इस बीच, प्रशासन पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला कोरंटाइन सेंटर में अव्यवस्था के बाद मनपा प्रशासन ने क्षेत्र के 13 होटलों को चिन्हित किया, जिसमें प्रतिदिन 2500 रुपए का रेट तय किया गया. इस पर शिवसेना ने आपत्ति जताई. शिवसेना के स्थानीय विधायक प्रताप सरनाईक का कहना था कि ज्यादातर होटल भाजपा नेताओं से संबंधित हैं, इसलिए उन्हें अनुमति दी जा रही है. इस पर महापौर ज्योत्सना हंसनाले में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि कुछ ऐसे भी मरीज कोरंटाइन सेंटर में हैं जो मांग कर रहे थे कि उन्हें सुख सुविधा मिले. इसी आधार पर होटलों को अनुमति दी गई, लेकिन 13 में से 9 होटल मालिकों ने हाथ खड़े कर लिए और यह योजना अधर में लटक गई.

रैपिड एक्शन किट का उपयोग हो

मीरा-भायंदर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक में धारावी पैटर्न अपनाने के साथ-साथ रैपिड एक्शन किट उपयोग में लाने की बात कही. क्योंकि इसके जरिए आधे घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी. जबकि सैंपल की टेस्टिंग रिपोर्ट आने में चार-पांच दिन लगते हैं.