नवरात्रि पर महिलाओं को उद्धव सरकार का तोहफा, मुंबई लोकल में यात्रा की इजाजत

मुंबई. घट स्थापना के शुभ दिन से उद्धव सरकार ने आम महिलाओं को मुंबई लोकल में यात्रा की इजाज़त देने का निर्णय लिया है. शुक्रवार को राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन,राहत और पुनर्वास विभाग के सचिव किशोर राजे निम्बालकर ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर कहा है कि 17 अक्टुबर से महिलाओं को लोकल में प्रवेश दिया जाय.

कोरोना के चलते पिछली पौने सात माह से मुंबई लोकल आम यात्रियों के लिए बंद है, लेकिन अत्यावश्यक कर्मचारियों की लिए पिछली 15 जून से विशेष लोकल चलाई जा रही है. मुंबई में अनलॉक की घोषणा के बाद सभी के लिए लोकल में यात्रा की इजाज़त दिए जाने को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा था. अब पहले सभी  महिलाओं को मुंबई लोकल यात्रा की परमिशन होगी. 

क्यूआर कोड अनिवार्य नहीं होगा

शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से मध्य और पश्चिम रेलवे के जीएम को दिए गए पत्र में कहा गया कि 17 अक्टूबर से सभी महिला मुंबई ओं को सबेरे 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक और शाम को 7 बजे से अंतिम लोकल तक यात्रा की परमिशन दी जाय. आम महिलाओं के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य नहीं होगा.उल्लेखनीय है कि मुंबई एमएमआर में कामकाजी महिलाओं संख्या लाखों में है.इससे लोकल में काफी भीड़ होने वाली है.राज्य सरकार ने लोकल फेरियों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश भी रेलवे से की है. इस समय मध्य और पश्चिम रेलवे पर 1181 लोकल फेरियां चलाई जा रहीं हैं. मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने कहा कि रेलवे बोर्ड की इजाज़त मिलते ही सभी महिलाओं के लिए लोकल यात्रा शुरू हो जाएगी. वैसे रेलवे ने पहले ही स्पष्ट किया है कि किसे यात्रा की परमिशन देनी है, इसका निर्णय राज्य सरकार करेगी.

मुंबई लोकल में महिलाओं की यात्रा को लेकर सस्पेंस

इस बीच, घट स्थापना के शुभ दिन से  उद्धव सरकार द्वारा आम महिलाओं को मुंबई लोकल में यात्रा की इजाज़त देने के मामले में रेलवे ने हाथ खड़े कर दिए हैं. शुक्रवार को राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन,राहत और पुनर्वास विभाग के सचिव किशोर राजे निम्बालकर ने रेलवे प्रशासन और बोर्ड को पत्र लिखकर कहा है कि 17 अक्टुबर से महिलाओं को लोकल में प्रवेश दिया जाय. दूसरी तरफ पश्चिम रेलवे के मुख्यालय से राज्य सरकार को दिए पत्र में कहा गया कि 17 अक्टूबर से ही सभी महिलाओं को लोकल यात्रा की परमिशन संभव नहीं है.

रेल प्रशासन ने कहा, 17 अक्टूबर से संभव नहीं

मध्य और पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने बिना रेल प्रशासन को विश्वास में लिए आनन-फानन में फैसला ले लिया. इसके लिए रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों को एक बैठक कर निर्णय लेना चाहिए था. नवरात्रि के दिन से ही महिलाओं को लोकल यात्रा संबंधी राज्य सरकार के निर्णय पर रेल प्रशासन की ओर से आश्चर्य जताया जा रहा है. पश्चिम रेलवे का कहना है कि एकाएक सभी  महिलाओं को लोकल में इजाजत दिए जाने से भारी भीड़ की समस्या हो सकती है, इसलिए नियोजन के लिए कुछ समय जरूरी है.17 अक्टूबर से ही संभव नहीं है.

मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने कहा कि रेलवे बोर्ड की इजाज़त के बाद ही सभी महिलाओं के लिए लोकल यात्रा शुरू हो पाएगी. सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने बताया के सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की तरफ से राज्य के सचिव को सयुंक्त पत्र देकर पहले एक जॉइंट मीटिंग करने का सुझाव दिया गया है.वैसे रेलवे ने पहले ही स्पष्ट किया था,लोकल शुरू करने और परमिशन का निर्णय राज्य सरकार करेगी. शुक्रवार को अचानक राज्य सरकार के निर्णय पर मुंबई रेल प्रशासन द्वारा असमर्थता जताए जाने पर अब शनिवार से सभी महिलाओं के लिए लोकल ट्रेन यात्रा को लेकर सस्पेंस पैदा हो गया है.