जैसलपार्क चौपाटी पर बिना मास्क सैर सपाटा

  • सोशल डिस्टनसिंग की भी उड़ाते हैं धज्जियां

भायंदर. कोरोना को लेकर लोग एकदम लापरवाह हो गए हैं. जैसलपार्क चौपाटी का नजारा देखकर तो यही लगता है. चौपाटी पर ज्यादातर लोग बिना मास्क दिखते हैं. सोशल डिस्टनसिंग की धज्जियां भी उड़ाते हैं. प्रशासन इन पर सख्ती करने के मूड में नहीं लगता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगाह और अपील कर चुके हैं कि कोरोना अभी गया नहीं है. लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखना, मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग और हैंड वाश करते रहना चाहिए, लेकिन कुछ लोग उनकी भी सुनने के मूड में नहीं हैं. जैसलपार्क चौपाटी पर लोग सुबह-शाम घूमने आते हैं. उनमें से अधिकांश के मुंह पर मास्क गायब रहता है. कुछ लोग बच्चों को भी लेकर चौपाटी पर पहुंच जाते हैं.उन्हें खुद की और परिवार की भी नहीं पड़ी है. मास्क नहीं लगाने वालों के खिलाफ मीरा-भायंदर मनपा प्रशासन दंडात्मक कार्रवाई शुरू तो की है, लेकिन वह दिखावा साबित हो रही है.

 खतरा बढ़ जाता है

स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि बिना मास्क घूमने आने वालों के चलते कोरोना संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ जाता है. इस पर मनपा प्रशासन व पुलिस को ध्यान देना चाहिए. चौपाटी पर बैठने के लिए जो बेंचेज़ हैं, उन्हें डेली सैनिटाइज किया जाना चाहिए. ग्रुप में लोग एकदम सटकर बैठे रहते हैं, जबकि चौपाटी पर पुलिस चौकी है. दुकानदार और सब्जी वाले बिना मास्क मिलते हैं तो प्रशासन उन पर कार्रवाई करता है. चौपाटी पर भी ऐसा होना चाहिए. कानून का डर रहेगा तो लोग निर्देश मानेंगे.