पश्चिम रेलवे ने किया 60 हजार  टन आवश्यक सामग्री का परिवहन

– चलाई 348 पार्सल विशेष ट्रेन

मुंबई. देशव्यापी लॉकडाउन में पश्चिम रेलवे ने पार्सल विशेष ट्रेनों,मिल्क ट्रेनों,मालगाड़ियों से  60 हजार टन से ज्यादा आवश्यक वस्तुओं का परिवहन किया है.348 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से अत्यावश्यक सामग्री,खाद्य पदार्थ,दवा,पीपीई, मास्क, सैनिटाइजर, अमूल उत्पाद आदि जरूरी सामग्री देश भर में भेजी गई है.

पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ रविन्द्र भाकर के अनुसार 23 मार्च से 19 जून तक मालगाड़ियों के 6824 रेक का इस्तेमाल हुआ. 60 हजार टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे की 348 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से देश के विभिन्न भागों में पहुंचाया गया है, जिनमें मुख्य रूप से कृषि उपज, दवा, मछली, दूध आदि शामिल हैं. 

 19.43 करोड़ की आय 

इस परिवहन से लगभग 19.43 करोड़ की आय हुई. पार्सल वैन-रेलवे मिल्क टैंकरों (आरएमटी) के 348 मिलेनियम पार्सल रेक देश के विभिन्न भागों में दूध पाउडर, तरल दूध और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति की गई.20 जून को पश्चिम रेलवे से दो पार्सल विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें बांद्रा टर्मिनस से लुधियाना पार्सल ट्रेन और पालनपुर से हिन्द टर्मिनल के लिए दूध की एक रेक शामिल है. 

 1387 करोड़ नुकसान

लॉकडाउन में नियमित यात्री ट्रेनें न चलने से पश्चिम रेलवे को 1387 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. इनमें उपनगरीय सेक्शन को लगभग 199.43 करोड़ और गैर उपनगरीय सेक्शन को लगभग 1187.70 करोड़ का नुकसान हुआ है. पश्चिम रेलवे ने लगभग 353 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड दिया है.इस रिफंड में 166.07 करोड़ मुंबई डिवीजन से है. पश्चिम रेलवे से अब तक 54.13 लाख यात्रियों ने अपने टिकट रद्द किए हैं.