पंपिंग स्टेशनों पर हुए खर्च पर श्वेत पत्रिका निकाले सरकार : कोटक

  • विरोधियों ने बीएमसी की नाकामी पर उठाए सवाल
  • 116 % नाला सफाई का दावा करनेवाले कहां हैं?

मुंबई. इस साल मानसून के दौरान मुंबई 4 बार डूब चुकी है. मंगलवार की रात से शुरू हुई बारिश से मुंबई जलमग्न हो गई. दक्षिण मुंबई के इलाके जो कभी पानी में नहीं डूबते थे, इस साल डूब गए. पानी निकासी के लिए लगाए गए पंपिंग स्टेशनों करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी मुंबई के डूबने का कारण पंपिंग स्टेशनों को निर्माण में किए गए घोटाले हैं. यह आरोप भाजपा सांसद मनोज कोटक ने लगाया है. कोटक ने श्वेत पत्र निकालने की मांग की है.        

मुंबई के शहरी इलाकों हाजीअली वर्ली स्थित लव्हग्रोव, प्रभादेवी स्थित क्लीव लैंड और रे रोड स्थित ब्रिटानिया पम्पिंग स्टेशन बनाए गए हैं. इनको बनाये जाने के समय कहा जा रहा था कि मुंबई का यह हिस्सा समुद्र से काफी नीचे है, जिससे बारिश के समय शहर में होने वाले जल जमाव को यह पम्पिंग स्टेशन पानी उठाकर समुद्र में फेकने का काम करेगा. इसी तरह प्रभादेवी स्टेशन के पास फिटवाला रोड पर परेल और एलफिंस्टन परिसर का जमा होने वाला पानी समुद्र में ले जाने के लिए करोड़ो का प्रोजेक्ट लगाया गया, इसके बावजूद इन इलाकों में पानी जमा हो रहा है. भाजपा सांसद मनोज कोटक ने मुंबई के शहरी इलाकों में पानी भरने पर सवाल खड़ा करते हुए पम्पिंग स्टेशन के  नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए श्वेत पत्र निकालने की मांग की है.

 

आशीष शेलार ने कसा तंज 

 बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने शिवसेना पर तंज कसते हुए कहा कि मुंबई की दुर्दशा के लिए भारी बारिश को मत जिम्मेदार ठहराओ. इसके लिए सत्ताधारी दल और बीएमसी प्रशासन जिम्मेदार है. ब्रिटानिया के पास का पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से काम क्यों नहीं कर रहा है. माइक्रो टनल का काम क्यों नहीं समय से पूरा हुआ. उन्होंने पूछा कि 116 प्रतिशत नाला सफाई का दावा करनेवाले कहां हैं ?

करोडों की राशि पानी भरने के बाद व्यर्थ हो गई 

वही, समाजवादी पार्टी के विधायक और नगरसेवक रईश शेख ने मनपा कमिश्नर इकबाल सिंह चहल को पत्र लिखकर मुंबई के शहरी क्षेत्र में जहां अभी तक कभी पानी नही भरता था, उन इलाकों में पानी भरने पर सवाल खड़ा किया है. शेख ने कहा कि पंपिंग स्टेशन पर खर्च की करोडों की राशि पानी भरने के बाद व्यर्थ हो गई है. दुकानों, मकानों में पानी मरने से लोगों को हुए नुकसान की जिम्मेदारी बीएमसी को उठानी चाहिए.