किसने खाई एक करोड़ ‘शिवथाली’, 3 माह से सब कुछ है बंद

– बीजेपी विधायक ने कहा-भारी भ्रष्टाचार

मुंबई. कोरोना के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए करोडों खर्च कर बने अस्थाई अस्पतालों, क्वारन्टीन सेंटरों में भ्रष्टाचार को लेकर जहां राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है, वहीं अब लॉकडाउन में गरीबों को परोसी गई एक करोड़ ‘शिवभोजन’ थाली को लेकर भी सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है. राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में दावा किया गया है कि पिछले 5 महीनों में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने शिवभोजन का लाभ लिया है. 

सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कोंकण स्नातक क्षेत्र के विधायक और बीजेपी नेता निरंजन डावखरे ने सवाल किया कि आखिर 1 करोड़ ‘शिव-थाली’ खाई किसने. विधायक निरंजन डावखरे ने कहा कि पिछले 5 माह में सवा तीन माह से लॉकडाउन ही चल रहा है.ज्यादातर सरकारी,गैर सरकारी कार्यालय बंद हैं,तो इतना शिवभोजन किसके पेट में गया.निरंजन डावखरे ने कहा कि मुंबई, ठाणे सहित पूरे राज्य में इतने क्वारन्टीन सेंटर बनाए गए हैं, वहां क्वारन्टीन किए गए लोगों को ‘शिवथाली’ भोजन दिए जाने का सुझाव दिया गया था,जबकि क्वारन्टीन किए गए लोगों को 250 रुपए प्रति थाली के हिसाब से ठेकेदारों को पैसे दिए गए.यह शिवभोजन अच्छी तरह गरीब मरीजों को उपलब्ध कराया जा सकता था.

26 जनवरी से शुरू हुई योजना

राज्य भर में सरकारी कार्यालयों के आसपास, सार्वजनिक स्थानों पर गरीबों को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने राज्य सरकार ने ‘शिवभोजन’ योजना 26 जनवरी से शुरू की. शिवभोजन योजना के तहत राज्य भर में 848 केंद्र खोले गए.इस योजना का क्रियान्वयन तहसील स्तर पर खाद्य व नागरी आपूर्ति विभाग के माध्यम से किया जा रहा है.राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार जनवरी,फरवरी व मार्च इन 3 महीनों में लगभग 11 लाख ‘शिवभोजन’ थाली उपलब्ध कराई गई, जबकि अप्रैल,मई व जून इन 3 महीनों में 89 लाख से ज्यादा ‘शिवथाली’ परोसी गई.इन तीन महीनों में लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर कार्यालय,सार्वजनिक स्थल,प्रतिष्ठान आदि बंद रहे हैं.ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में शिवथाली गई कहां ? यह सवाल खड़ा हो रहा है.

राज्य सरकार ने दावा किया है कि इसका लाभ ज्यादातर प्रवासी मजदूरों को मिला.बताया गया कि मई में लगभग 33.85 लाख और जून में लगभग 30 लाख मजदूरों ने शिवथाली का लाभ उठाया,जबकि अप्रैल,मई तक तो लाखों प्रवासी मजदूर राज्य से पलायन कर चुके थे, तो थाली खाई किसने. शिवभोजन की 1 करोड़ से ज्यादा थाली वितरण को लेकर राज्य सरकार के दावे पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है.बीजेपी विधायक निरंजन डावखरे ने कहा कि एक करोड़ ‘शिवथाली’ नहीं, बल्कि करोड़ों रूपए थाली में सजाकर परोसे गए.