चंद्रपुर में शराबबंदी से किसे मिल रहा था ‘मालपानी’!, कांग्रेस प्रवक्ता सावंत का देवेन्द्र फडणवीस से सवाल

    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के चंद्रपुर जिले (Chandrapur District) में शराबबंदी (Liquor Ban) हटाए जाने पर महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार में शामिल दलों और बीजेपी नेताओं के बीच संग्राम छिड़ गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत (State Congress Spokesperson Sachin Sawant) ने आरोप लगाया कि इस बारे में नेता विपक्ष देवेन्द्र फडणवीस दोहरा रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने इसके लिए फडणवीस के एक बयान का वीडियो भी जारी किया है, जो हाल के बजट सत्र के दौरान दिया गया था। सावंत ने कहा कि बजट सत्र में फडणवीस ने इस फैसले का समर्थन किया था। उनके अनुसार, चंद्रपुर में अवैध शराब का कार्पोरेटीकरण नेताओं के माध्यम से किया गया था।

    फडणवीस ने यहां तक कहा था कि सुधीर मुनगंटीवार को मंत्री रहते हुए अपने द्वारा लिए गए इस फैसले पर पछतावा हो सकता है। उन्होंने कहा था कि उनके पास अवैध शराब की दरें हैं। फडणवीस ने यह भी कहा था कि शराब के अवैध धंधे में शामिल लोग महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार को भी प्रतिबंध हटाने का फैसला नहीं लेने देंगे। सभी अवैध शराब कारोबारी एकजुट होकर प्रतिबंध के समर्थक बनेंगे। उन्होंने आगे सरकार को सूचित किया था कि वास्तव में, वे सभी प्रतिबंध के समर्थक नहीं थे, बल्कि करप्शन के समर्थक थे। इन सभी को मालपानी मिल रहा है।

    बीजेपी को कितना ‘मालपानी’ मिलता था  

    सावंत ने कहा  है कि दुर्भाग्य से फडणवीस व मुनगंटीवार ने चंद्रपुर में शराबबंदी को हटाने के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह बीजेपी नेता विरोध कर ‘मालपानी’ गैंग की समर्थक बन गई है। सावंत ने कहा कि अब लोगों के सामने यह आना जरूरी है कि बीजेपी को चंद्रपुर में शराबंदी से कितना मालपानी मिलता था।

    चित्रा ने पाटिल से पूछा, क्या हुआ तेरा वादा !

    बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष व जलसंवर्धन मंत्री जयंत पाटिल को उनका पुराना वादा याद दिलाया है। उन्होंने भी सदन में पाटिल द्वारा दिए गए बयान के वीडियो को शेयर करते हुए पूछा है कि यवतमाल में शराब पर पाबंदी लगाने के वादे का क्या हुआ। चित्रा ने कहा कि पाटिल ने कहा था कि यदि उनकी सरकार आती है तो पहले कैबिनेट से यवतमाल में शराब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, लेकिन महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार के कार्यकाल का एक साल से ज्यादा समय हो गया है , लेकिन अभी तक यवतमाल में शराबबंदी लागू नहीं किया गया है।