महिला यात्रियों को भा रहा ‘मेरी सहेली’ का साथ

  • अकेली महिला कर रही बेखौफ यात्रा
  • आरपीएफ की पहल

मुंबई. लंबी दूरी की गाड़ियों में अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं को अधिक सेफ्टी व सेक्यूरिटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे (Railway) पर ‘मेरी सहेली’ अभियान चलाया जा रहा है। मध्य व पश्चिम रेलवे (Western Railway) में चलाई जा रही इस मुहिम को महिला यात्रियों की तरफ से पसंद किया जा रहा है।

आरपीएफ (RPF) की महिला कर्मी इस विशेष अभियान में यात्रा के दौरान अकेली महिला यात्रियों की सीट पर जाकर उनसे यात्रा के दौरान आने वाली समस्या पर बात कर रहीं हैं। मध्य रेल के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने बताया कि आरपीएफ ने अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए ‘मेरी सहेली’ ऑपरेशन  शुरू किया है। इसके तहत आरपीएफ की टीमें दैनिक और साप्ताहिक विशेष ट्रेनों सहित औसत 25 ट्रेनों में रोजाना एस्कॉर्ट करती हैं।

महिला यात्रियों की सीट पर जाकर परामर्श

इस ऑपरेशन के तहत  महिला अधिकारी और कर्मचारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है, जो ट्रेन में यात्रा करने वाली अकेली महिला यात्रियों की पहचान कर उनकी सीट पर जाकर उन्हें परामर्श देती हैं। मेरी सहेली टीम महिला यात्री का नाम, पीएनआर-टिकट नंबर, कोच और बर्थ नंबर आदि विवरण को एन-रूट मंडलों-जोनों को स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक साझा करती हैं, ताकि महिला यात्रियों को कोई समस्या होने पर उनकी मदद कर सकें।

शिशुओं के लिए दूध की व्यवस्था में भी मदद 

महिलाओं को चिकित्सा सहायता, उनके शिशुओं के लिए दूध की व्यवस्था आदि मदद ‘मेरी सहेली’  के माध्यम से हो रही है। मुंबई से इलाहाबाद के लिए अकेली यात्रा कर रहीं संगीता पांडेय ने कहा कि ‘मेरी सहेली’ टीम की महिला आरपीएफ ने उनसे मुलाकात कर यात्रा के दौरान कोई भी  समस्या होने पर मदद का भरोसा दिलाया। इससे अकेले यात्रा को लेकर महिलाओं में होने वाला डर खत्म होगा । मध्य रेल आरपीएफ ने 24 विशेष ट्रेनों में मेरी सहेली कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें मुंबई-नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, गोंदिया-मुंबई स्पेशल, मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस, पुणे-पटना स्पेशल सहित अन्य ट्रेनें शामिल हैं।

दलालों के खिलाफ अभियान

मध्य रेल के आरपीएफ ने रेल अवैध रूप से आरक्षित टिकट निकालने वाले दलालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इस समय चल रहीं  विशेष गाड़ियों में कई व्यक्तिगत आईडी और कॉर्निग आरक्षित बर्थों का उपयोग करके ई-टिकटों निकालने की  शिकायतें बढ़ गईं हैं। साइबर सेल और अन्य इनपुट्स से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर छापेमारी शुरू कर दी है। मध्य रेल के सभी पांच मंडलों में निजी ट्रैवल एजेंसियों पर डाले गए छापों  के बाद अब तक 174 मामले दर्ज किए गए हैं।