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मुंबई. पवई के ‘ लेक ब्लूम रसिडेंसी ‘ होटल में ठहरे यमन सैनिक मोहम्मद गुरबान सलेह गुरबान (26) के साथ जालसाजी का मामला सामने आया है. दिल्ली स्थित यमन एम्बेसी में कमेटी मेंबर होने का झांसा देकर उनसे धोखाधड़ी की गयी. पवई पुलिस ने इस मामले में दो यमन नागरिक को पुणे से गिरफ्तार किया है. अदालत ने दोनों आरोपियों को 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

पवई के ‘ लेक ब्लूम रसिडेंसी ‘ होटल में यमन सैनिक मोहम्मद गुरबान सलेह गुरबान (26) ठहरे हुए हैं. सऊदी अरब और यमन के बीच चल रहे संघर्ष में मोहम्मद गुरबान घायल हो गए थे. वहां की सरकार ने उन्हें मुंबई में इलाज के लिए भेजा है. फरवरी में होटल में उनकी मुलाकात यमन नागरिक फहाद रिजवान अब्दूल अलमक्ती और अली अब्दूल अलगुजी से हुई. दोनों ने सैनिक गुरबान से अपनी पहचान दिल्ली स्थित यमन एम्बेसी में कमेटी मेंबर के रूप में दी. 

फ्री में इलाज करवाने का दावा किया

उन्होंने उनका इलाज फ्री में भांडुप के फोर्टिस हाॅस्पिटल और नवी मुंबई के अपोली हाॅस्पिटल में करवाने का दावा किया. आरोपियों ने सैनिक गुरबान को झांसा देकर उनके बैंक के डिटेल और पासपोर्ट ले लिया और इसके बाद से उनके बैंक खाते से वेस्टर्न युनियन मनी ट्रांसफर के जरिए 11 हजार 500 सऊदी रियाल ( 2 लाख 50 हजार रुपए) उड़ा लिए. 

दो यमन नागरिक पुणे से गिरफ्तार

दोनों जालसाजों ने जो मोबाइल नंबर गुरबान को दिए थे, उसे बंद कर फरार हो गए. गुरबान को धोखाधड़ी का अंदाजा हुआ, तो उन्होंने पवई पुलिस स्टेशन में शिकायत की. परिमंंडल-10 के उपायुक्त विशाल ठाकुर और सहायक पुलिस आयुक्त मिलिंद खेतले के मार्गदर्शन में पवई पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधाकर कांबले और उप निरीक्षक विनोद लाड की टीम ने ट्रेस कर दोनों आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया है.