Ether Trade Asia

    नागपुर. इथेरियम में ट्रेड करने का लालच देकर इथर ट्रेड एशिया कंपनी द्वारा की गई करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने 1 और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ा गया आरोपी आराधनानगर निवासी श्रीकांत जिवाल बताया गया. श्रीकांत इथर ट्रेड एशिया कंपनी के संचालक और मुख्य आरोपी निषेध वासनिक का करीबी है. प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू के पीआई उमेश बेसरकर कर रहे हैं. इस प्रकरण में पहले राजेंद्र खोब्रागड़े को गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल वह जेल की हवा खा रहा है. पुलिस ने निषेध के बैंक व्यवहार की जानकारी हासिल की तो पता चला कि श्रीकांत जिवाल के बैंक खातों का उपयोग किया गया था. वासनिक दंपति के साथ श्रीकांत भी अंडरग्राउंड हो गया था. लगातार उस पर निगरानी की जा रही थी. पुलिस को पता चला कि श्रीकांत अपने परिवार से मिलने घर आ रहा है. जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया गया. गुरुवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने उसे 15 जून तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं.

    अब तक 90 निवेशकों के बयान दर्ज

    इस प्रकरण में अब तक 90 पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. बताया जाता है कि करीब 5,000 लोगों को इथर ट्रेड में पैसा निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगा गया. आरोपियों ने अलग-अलग लोगों के नाम के बैंक खातों का उपयोग किया है और ज्यादातर राशि निकाली जा चुकी है. निषेध वासनिक, उसकी पत्नी प्रगति, गजानन मुंगने, संदेश लांजेवार सहित अन्य आरोपी फरार हैं. प्रकरण से जुड़े लोगों की मानें तो निषेध पेशेवर मुजरिम है. उस पर हत्या का मामला भी दर्ज हो चुका है. इसके पहले वह बिट क्वाइन में निवेश करने के नाम पर भी लोगों को ठग चुका है. खोब्रागड़े की बेटी शहर के पांच सितारा होटलों में आयोजित सेमिनार के जरिए लोगों को करोड़पति बनने का रास्ता दिखाती थी. इथेरियम की बाजार में डिमांड बढ़ गई है और लगातार उसकी कीमतें बढ़ती जा रही हैं. यही कारण था कि लोग बिट क्वाइन के अलावा इथेरियम में निवेश करने लगे. निषेध ने इसी का फायदा उठाया. 

    सामने आने से डर रहे लोग

    जानकारों का कहना है कि जरीपटका के लालवानी नामक व्यवसायी के जरिए कई व्यापारियों ने इथेरियम में पैसा निवेश किया. इनमें से अधिकांश ने नकद व्यवहार ही किया. इससे साफ है कि रकम काली कमाई की थी. कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी जमीन और जेवर बेचकर पैसा निवेश किया. अब जैसे-जैसे निषेध का कच्चा चिट्ठा खुल रहा है, लोगों असमंजस में हैं. कुछ लोगों को अपना पैसा वापस मिलने का भरोसा है तो कुछ लोग निषेध को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं.