मनपा के 100 स्कूल हुए बंद, अब अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू करने का प्रयास

  • 35 शालाओं की इमारतें पड़ी हैं खाली

नागपुर. मनपा स्कूलों पर प्रशासन का ध्यान नहीं होने के कारण विगत 10 से 15 वर्षों के बीच मराठी और हिन्दी माध्यम के कुल 100 स्कूल बंद हो गए. मराठी और हिन्दी में ‘फेल’ होने के बाद अब अंग्रेजी माध्यम में किस्मत आजमाने का प्रयास किया जा रहा है. यही कारण है कि इस वर्ष के कार्यकाल से केजी-1 से लेकर पहली कक्षा तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्कूल शुरू करने की जानकारी महापौर दयाशंकर तिवारी ने दी.

उन्होंने कहा कि अंग्रेजी स्कूलों का संचालन मुंबई, पुणे, पिंपरी चिंचवड़ में मनपा स्कूलों में सेवाएं दे रही आकांक्षा नामक संस्था के माध्यम से किया जाना है. संस्था को 20 वर्ष के लिए जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. चरणबद्ध तरीके से इन स्कूलों में मिलने वाले प्रतिसाद के बाद अगली कक्षाएं भी अंग्रेजी माध्यम की बढ़ाई जाएंगी. अंग्रेजी माध्यम के स्कूल होने के बावजूद प्रवेश और अन्य के लिए किसी से फीस नहीं ली जाएगी. शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. पत्र-परिषद में उपमहापौर मनीषा धावडे, सत्तापक्ष नेता अविनाश ठाकरे, शिक्षा सभापति दिलीप दिवे उपस्थित थे.

266 लाख रु. के खर्च का बोझ

शिक्षा सभापति दिवे ने कहा कि मनपा की ओर से मूलभूत सुविधाएं, वेतन का कुछ हिस्सा, किताबें, गणवेश, पोषण आहार, परिवहन व्यवस्था, खेल व्यवस्था, डिजिटल क्लास रूम, फर्नीचर आदि मिलाकर कुल 266.5 लाख रु. का खर्च किया जाएगा. इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को छठवें वेतन आयोग के आधार पर भुगतान किया जाएगा. संस्था और मनपा के बीच इसे लेकर एग्रीमेंट किया गया है जिसमें यदि संस्था का काम संतोषजनक नहीं हुआ तो उसे टर्मिनेट करने का भी प्रावधान रखा गया है. कामकाज का लेखाजोखा लेने के लिए समिति तैयार की जाएगी. इसके माध्यम से समय-समय पर काम का जायजा लिया जाएगा. वर्तमान में संचालित हो रहे स्कूलों के अलावा 35 स्कूलों की इमारतें खाली पड़ी हैं.

ऑनलाइन और ऑफलाइन एजुकेशन

  • विधानसभा स्तर पर शुरू किए जा रहे इन स्कूलों में ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन स्कूलों का भी प्रावधान होगा. संस्था स्कूलों की इमारतों के अलावा मंदिर या समाज भवन जैसी जगहों पर जाकर आसपास के बच्चों को फ्री एजुकेशन देगी. 
  • बच्चों के साथ ही पालकों का भी समुपदेशन किया जाएगा. स्कूलों में बच्चों को लाने और ले जाने की व्यवस्था के लिए अलग से प्रति वर्ष 10 लाख का प्रावधान किया गया है. 
  • इसी तरह बस का पास भी दिया जाएगा. उत्तर नागपुर के रानी दुर्गावती प्रा. स्कूल, पूर्व नागपुर के बाबुलबन मराठी प्रा. स्कूल, दक्षिण-पश्चिम में बाबूराव बोबडे मराठी प्रा. स्कूल, पश्चिम में रामनगर मराठी प्रा. स्कूल, दक्षिण में रामभाऊ म्हालगीनगर मराठी प्रा. स्कूल, मध्यम में गोपालराव मोटघरे हिन्दी उच्च माध्यमिक स्कूल में अंग्रेजी स्कूल शुरू होने जा रही है.

इस तरह होगा वेतन का फार्मूला

वर्ष संस्था का हिस्सा मनपा का वहन

पहला 30 प्रतिशत 70 प्रतिशत

दूसरा 35 प्रतिशत 65 प्रतिशत

तीसरा 40 प्रतिशत 60 प्रतिशत

चौथा 45 प्रतिशत 55 प्रतिशत

मनपा स्कूलों की स्थिति

101 प्राथमिक 

29 माध्यमिक 

-18,000 छात्र ले रहे शिक्षा

-952 कुल शिक्षक दे रहे सेवा