Corona Death 01
File Photo

नागपुर. कोरोना से मरने वालों का सिलसिला जारी है. जिले में रविवार को फिर 11 संक्रमितों की मौत हो गई जिसमें मिलाकर अब तक मरने वालों की संख्या 3735 हो गई है. यह आंकड़ा चार हजार के करीब पहुंच रहा है. रोजाना 10-12 की मौत अब फिर होने लगी है. रविवार को जिन 11 की मौत हुई उसमें 6 सिटी के हैं, एक जिले के ग्रामीण भाग का और 4 जिले के बाहर के हैं.

रविवार को 308 नए पाजिटिव मिले जिन्हें मिलाकर अब तक पाजिटिव संख्या 1,14,526 हो गई है. 308 में 238 सिटी के हैं जबकि 66 ग्रामीण के हैं.

बता दें कि प्रशासन और डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि दीपावली के बाद जब दूसरी लहर आई भी तो उसका आक्रमण ग्रामीण भागों में अधिक होगा. जिले के ग्रामीण भागों में तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ेंगे, लेकिन वह अनुमान गलत साबित हुआ है. दीपावली के बाद सिटी में ही तेजी से कोरोना के मरीज बढ़े हैं. रोजाना 500 के करीब पाजिटिव मिल रहे हैं. रविवार को भी 4135 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई जिसमें 308 पाजिटिव पाए गए. रोजाना करीब 5-6 हजार नमूनों की जांच हो रही है और लगभग 10 फीसदी पाजिटिव पाए जा रहे हैं.

8.15 लाख की अब तक जांच

जिले में अब तक 8.15 लाख के करीब लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है जिसमें 1.15 लाख के करीब पाजिटिव पाए गए हैं. इनमें से 1,05,154 स्वस्थ भी हुए हैं. रविवार को भी जिले में 416 संक्रमित स्वस्थ होकर अपने घर लौटे जिसमें 350 सिटी के और 66 ग्रामीण भागों के हैं. स्वस्थ होने वालों का प्रतिशत 91.82 रहा 

मौसमी बीमारियों से सतर्क रहने की अपील

डॉक्टरों व प्रशासन ने अभी भी नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है. दिसंबर महीने के दूसरे पखवाड़े से जिले में ठंड कड़ाके की पड़ने वाली है. कड़ाके की सर्दी में मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ता है. ऐसे में पीड़ितों की रोग प्रतिकार क्षमता में कमी आती है और इम्यूनिटी कम होने पर मौसमी बीमारियों के साथ ही कोरोना का अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है. अभी भी लोगों के बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं देखा जा रहा है. लोग कोरोना को भूल से गए हैं.

जिन घरों में कोई पीड़ित हुआ है वही इससे होने वाली मानसिक, शारीरिक और आर्थिक हानि को भलिभांति जानते हैं. मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजर का उपयोग या बार-बार साबुन से हाथ धोने को अपनी दिनचर्या में तब तक शामिल करना है जब तक इसकी वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध नहीं हो जाती.