Cancer
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  • आईसीएमआर की रिपोर्ट में अनुमान

नागपुर. इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च,नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफार्मेटिक्स एंड रिसर्च और नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम ने अगस्त 2020 की रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि भारत में कैंसर के मामलों की संख्या 13.9 लाख है.

पिछले कई दशकों से मरीजों की संख्या में वृद्धी हो रही हैं. 1990 से लेकर 2016 के बीच भारत में कैंसर का बोझ 2.6 गुणा बढ़ा. साथ ही समय के साथ ही कैंसर से होने वाली मौतों में भी दोगुना वृद्धी हुई है. कैंसर के इन मामलों में लगभग दो तिहाई देरी के चरण में हैं.

पुरुषों में सबसे आम कैंसर फेफड़े, मुख, पेट के हैं. जबकि महिलाओं में स्तन, गर्भाशय, अंडाशय और पित्ताशय का कैंसर अधिक हो रहा है. तंबाकू के उपयोग से 27 ‌फीसदी कैंसर हो रहे हैं. शराब, अनुचित आहार, कम शारीरिक गतिविधि और मोटापा व प्रदूषण भी शामिल है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंसर से जानमाल का नुकसान होता है और इसका सामाजिक रुप से भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ता हैं. कैंसर को कम करना सामाजिक और आर्थिक असामानता को संबोधित करने, आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और सतत विकास को गति देने के लिए एक शर्त है, लेकिन केवल कैंसर के इलाज में निवेश करना आर्थिक रुप से व्यवहार्य विकल्प नहीं हैं.