Fish Market, Nagpur

  • कागजों में अटकी आवंटन प्रक्रिया,प्रशासन की अनदेखी

नागपुर. शहर के भोईपुरा के मछली मार्केट को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से मनपा क्षेत्र अंतर्गत 2.08 करोड़ रुपए की लागत के साथ एक भव्य इमारत का निर्माण किया गया. आधुनिक सुविधाओं से लेस इमारत का निर्माण होने के बाद भी यहां अब तक मछली बाजार को शिफ्ट नहीं किया गया है. लाखों रुपए का मछली मार्केट धूल खा रहा है. अनेक अविकसित बाजारों की तरह ही सड़क पर लगने वाला भोईपुरा मछली बाजार भी आज तक अपनी किस्मत का रोना रो रहा है. यहां किसी तरह के बाजार का कोई प्रारूप नहीं है. थोक व चिल्लर व्यापारी अपनी सुविधा अनुसार सड़कों पर अपनी दूकानें लगाते हैं. किसी तरह की सुविधा नहीं होने के कारण यहां व्यापारी अपने घरों से ही व्यापार कर रहे हैं. भोईपुरा को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से मनपा द्वारा महल क्षेत्र के सीपी एंड बेरार के समीप स्थित नाग नदी के पास अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ 2 मंजिला इमारत का निर्माण कार्य किया गया.

निर्माण में लगे 4 वर्ष

मेयो अस्पताल के पास लगाने वाले मछली मार्केट के कारण स्थानीय नागरिकों के साथ आवाजाही के समय वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. स्थानीय निवासियों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए मनपा ने लाखों रुपए खर्च कर रेशिमबाग चौक से कुछ ही दूरी पर नाले के पास एक इमारत का निर्माण किया. वर्ष 2016 में इमारत निर्माण के लिए वर्कआर्डर पास किया गया. जिसके बाद 2017 में इस प्रकल्प को रिएस्टीमेट किया गया. कुल 2.08 करोड़ की लागत के साथ 4 दिसंबर 2018 तक इमारत का निर्माणकार्य पूरा कर इसे बाजार विभाग को सौंपना था, लेकिन निधि की कमी और ठेकेदार की ढिलाई के कारण इमारत को निर्माण में 4 वर्ष लग गए. इमारत का निर्माण राष्ट्रीय मस्त्यिकी विकास बोर्ड हैदराबाद (एनएफडीबी) के नियम अनुसार किया जा रहा है. 

असामाजिक तत्वों का बना अड्डा

जानकारी के मुताबिक मनपा ने इस इमारत निर्माण के लिए केवल 10 प्रतिशत राशि दी है और बाकी राशि केन्द्र शासन द्वारा दी गई. मनपा के पास निधि नहीं होने से इमारत की सुरक्षा दीवार, अंदर में ओटों का निर्माण और फिनिशिंग का काम कई महीनों से अटका पड़ा था. करीब 1 महीने पहले ही इमारत के पेंटिग का काम पूरा हुआ है. काम होने के बाद भी संबंधित विभाग बाजार के शिफ्ट करने में कोई गंभीर नहीं है. दूकानदारों को ओटा आवंटित करने की प्रक्रिया केवल कागजों में ही सीमित है. वर्तमान में खाली पड़े इस इमारत पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है. वैसे तो इमारत के मेन गेट और शटर पर ताला लगा हुआ है. लेकिन सुबह शाम इस परिसर में बदमाशों और शराबियों का मेला लगा रहता है. परिसर में जहां देखों वहां शराब की बोतलें पड़ी हुई है. 

व्यापारी ज्यादा ओटे कम

सुविधाओं को ध्यान में रखकर 9000 चौरस फुट जमीन पर 2421 चौरस  फुट  पर इमारत का निर्माणकार्य किया गया है. 2 मंजिला इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर 6\3 फुट के 20 ओटे और पहले माले पर 10\3 फुट के 11 बड़े ओटों व 1 कोल्ड स्टोरेज रूम का निर्माण किया. गौर करने की बात यह है कि भोईपुरा में 50 से अधिक व्यापारी हैं और इमारत में बड़े-छोटे ओटों को मिलाकर कुल 31 ओटे बनाए गए हैं. ऐसे में भले ही कुछ व्यापारी वहां चले जाएं लेकिन भोईपुरा से पूरा मार्केट शिफ्ट कर पाना मुश्किल है.