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  • आवारा कुत्तों का बढ़ रहा आतंक
  • वन विभाग कब होगा सख्त

नागपुर. नागपुर से महज 18 किमी दूर कामठी की सैनिक छावनी परिसर में हिरन और चीतल विचरण करते नजर आते हैं. लेकिन इन दिनों यह प्राणी आवारा कुत्तों के शिकार हो रहे है. महज 16 दिनों में कुत्तों के हमलें में 2 चीतल और 2 हिरन की मौत हो गई है. शिकायत के बाद भी वन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. जिससे नागरिकों में रोष है.

बता दें कि नागपुर जिले की कामठी छावनी परिसर जंगल से घिरा है. गर्मी के दिनों में चीतल और हिरन पानी की तलाश में शहर की ओर आ जाते है. ऐसे में आवारा कुत्तों का झुंड उनका शिकार करता है. बावजूद इसके वन विभाग किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा है. हवाला दिया जाता है कि परिसर सैनिक छावनी का होने से यह प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है़ यहां बाहर के लोग हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं. यही वजह की पुलिस और वन विभाग चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है.

चीतल और हिरन का शिकार

महज 16 दिनों में 2 चीतल और 2 हिरन की मौत कुत्तों के हमले में हुई है़  6 मार्च को कुत्तों के झुंड ने एक चीतल का शिकार कर दिया था़  इसके बाद 10 मार्च को गुल अलीशा बाबा दरगाह के पास पानी की तलाश में आए चीतल को कुत्तों के झुंड ने घेर कर उसका शिकार किया़  20 मार्च को एक हिरन शहर की मुख्य सड़क पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से  मौत हो गई थी. 21 मार्च की सुबह रिहायशी परिसर में पानी की तलाश में एक नर हिरन भटक गया था. अकेला देख कुत्ते उसका पीछा किया, इस दौरान हिरन एक पेड़ से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई. सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम लांजेवार ने कुत्तों को भगाकर हिरन को बचाने का प्रयास भी किया परंतु तब तक उसकी मौत हो गई थी. उन्होंने वन विभाग को सूचित किया़ पश्चात वन कर्मियों ने हिरन के शव को गाड़ी में नागपुर ले गए.

नागरिकों ने रोजाना हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग संबंधित प्रशासन से की है. 

अधिकारियों के साथ करेंगे चर्चा

छावनी परिषद में कुत्तों के हमले में जंगली जानवरों की मौत खेद की बात है़ इस पर वन विभाग चाहकर भी कार्रवाई नहीं कर पा रहा़ यह परिसर सैनिकों के अधीन होने से थोड़ी कठिनाइयां हो रही है़ दरअसल, कामठी नप ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम चलाई थी़ कुत्तों को पकड़कर उन्हें जंगलों में छोड़ा होगा, अब इनकी आबादी बढ़ गई और भोजन की तलाश में चीतल और हिरन का शिकार कर रहे है़ं  इस संदर्भ में जल्द ही कामठी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से चर्चा कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा़ 

-विजय गंगावने, RFO वन विभाग नागपुर.