electricity bill
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  • 7.12 करोड़ हुए जमा
  • 03 दिनों की कार्रवाई का परिणाम

नागपुर. बकायेदारों के खिलाफ महावितरण द्वारा पिछले तीन दिनों से कार्रवाई की जा रही है जिसके चलते संडे को छुट्टी के दिन भी लगभग 4,000 ग्राहकों ने 1.5 करोड़ रुपये बिजली बिल जमा किये है. वहीं, दो दिनों में 25,000 से अधिक बकायादारों ने 7.12 करोड़ रुपये भरे हैं. महावितरण द्वारा बताया गया कि शनिवार-रविवार को छुट्टी के दिन भी बिजली बिल स्वीकार करने की सुविधा ग्राहकों को दी गई. बीते 3 दिनों से बकायादारों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया गया. जिसमें 2,000 बकायादारों का बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई. ग्राहकों के लिए सिटी में 129 बिल स्वीकार केन्द्र छुट्टी के दिन भी खुले रखे गए थे. 31 मार्च तक यह केन्द्र शुरू रहेंगे.

मीटर रीडिंग होगी शुरू

बताया गया कि बीते वर्ष लॉकडाउन लगने से महावितरण ने मीटर रीडिंग नहीं की थी और बिलों का वितरण भी बंद रखा था. इस बार 15 से 21 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है. इस बार मीटर रीडिंग का कार्य जारी रखा जाएगा. इसके लिए मनपा प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने भी अनुमति दी है. बिजली ग्राहकों से सहकार्य की अपील महावितरण ने की है.

इंसानियत के नाते कार्रवाई रोकें : खोपड़े

भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़े ने लॉकडाउन के काल में बिजली ग्राहकों के मीटर कनेक्शन काटने की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग सरकार से की है. उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में ऐसी असंवेदनशील सरकार पहली बार देख रहे हैं. हाल ही विस अधिवेशन में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने बिजली काटना बंद करने की बात सदन में कही थी और अधिवेशन समाप्त होते ही ऊर्जा मंत्री ने बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू करवा दी.

लॉकडाउन के दौरान जब लोग घरों में कैद होकर रहने वाले हैं. दूकानें बंद रहने वाली हैं, गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है ऐसे संकटकाल में तो इंसानियत के नाते जनता पर यह अत्याचार रोकना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले में 4-4 मंत्री होने के बाद भी कोरोना नहीं संभल रहा. सिटी की जनता को किस्मत के भरोसे छोड़ दिया गया है. जबरन लॉकडाउन कर दिया गया है.

दिसंबर महीने से दोबारा दूकानदार, नौकरीपेशा वर्ग, मजदूर व कामगार, चाय-पान-नाश्ता के ठेले वाले अपनी दशा कुछ लाइन पर लाने का प्रयास कर रहे थे कि, दोबारा उन्हें लॉकडाउन कर संकट में डालने का काम यह सरकार कर रही है. ऊर्जा मंत्री व जिले के पालक मंत्री मानवता दिखाते हुए बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई तत्काल रोकें.