Pintu Zalke

  • टैंकर पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर

नागपुर. शहर के प्रत्येक वर्ग और व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुछ वर्षों पूर्व 24 बाय 7 योजना को साकार करने की मंशा मनपा द्वारा जताई गई थी. हालांकि उच्च मध्यम वर्ग में पेयजल के अन्य विकल्प होने से उन्हें भले ही परेशानी ना हो, लेकिन विशेष रूप से मनपा की जलापूर्ति पर निर्भर गरीब वर्ग के लोगों को कई बार टैंकर पर भी निर्भर रहना पड़ता था. किंतु अब 24 बाय 7 जलापूर्ति योजना के कारण पेयजल से जुड़ी समस्याएं हल होने की आशा स्थायी समिति सभापति पींटू झलके ने जताई.

शुद्ध पेयजल प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यावश्यक है. पहले की जलापूर्ति व्यवस्था के कारण स्वच्छ और निरंतर जलापूर्ति पर अनिश्चितता के बादल मंडराते रहते थे. यहां तक कि सभी लोगों को समान जलापूर्ति भी सुनिश्चित नहीं होती थी. किंतु अब योजना से सभी को समान जलापूर्ति भी संभव होगी.

दिनचर्या पर होता था असर

शहर की लचर जलापूर्ति व्यवस्था के चलते कई बार विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ता था. यहां तक कि कई दूरी से पेयजल लाने की नौबत पड़ती थी. गरीब वर्ग एवं प्रतिदिन की मजदूरी पर निर्भर परिवारों को कई बार परिवार में से एक व्यक्ति को पानी के लिए एक दिन की रोजी गंवानी पड़ती थी. अब 24 बाय 7 योजना अंतिम पड़ाव में चल रही है. इस योजना में पानी के गुणवत्ता की भी गारंटी होगी. जिससे दूषित जलापूर्ति के कारण विशेष रूप से बच्चों को होनेवाली बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकेगा.

नियमित जलापूर्ति के लिए कटिबद्ध

जलप्रदाय समिति सभापति पींटू झलके ने कहा कि गरीब एवं झोपडपट्टीवासियों को ध्यान में रखकर ही 24 बाय 7 जैसी योजना पर अमल करने का निर्णय लिया गया. झोपडपट्टी के प्रत्येक घर को गारंटी के साथ समयबद्ध तरिके से जलापूर्ति के लिए सत्तापक्ष कटिबद्ध है. इससे गरीब वर्ग के लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पडेगा. जनता और पदाधिकारियों द्वारा इस योजना की सराहना हो रही है. मूलभूत सेवा में पेयजल का यह प्रकल्प पूरा करना एक तरह से आश्वासन की प्रतिपूर्ति है.