Solar Power

  • महानिर्मिति व एनटीपीसी करेगी साकार

नागपुर. राज्य में भविष्य में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए महानिर्मिति व एनटापीसी के संयुक्त प्रयास से 2500 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रकल्प को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. ऊर्जामंत्री नितिन राऊत ने इसके लिए जमीन खोजने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है. इस संदर्भ में उन्होंने विद्युत भवन से विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली.

उन्होंने कहा कि एनटीपीसी ने सौर ऊर्जा प्रकल्प तैयार करने में रुचि दिखाई है इसलिए महानिर्मिति इसके लिए लगने वाली आवश्यक जमीन की खोज कर सविस्तार रिपोर्ट जल्द से जल्द सादर करे. उन्होंने कहा कि तीनों कंपनी महावितरण, महापारेषण, महानिर्मिति व नियामक आयोग को एक साथ आकर राज्य में हरित ऊर्जा के संदर्भ में समन्वय से प्रयास करना चाहिए. सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, घन कचरा से बिजली बनाने संबंधी प्रकल्पों के संदर्भ में सभी को गंभीरता दिखाने की जरूरत है.

प्रकल्पों की हुई समीक्षा
बैठक में राऊत ने सोलर ऊर्जा के साथ ही पवन ऊर्जा के संयुक्त प्रकल्प हो सकते हैं क्या, इस पर बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों से विचार करने का निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिया. बैठक में अमरावती जिले के गव्हाणकुंड में स्थित 16 मेगावाट सौर ऊर्जा प्रकल्प की जानकारी ली. इस प्रकल्प का कार्य अंतिम चरणों में है और जल्द ही बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा. वहीं नंदुरबार जिले के दोंडाई में 250 मेगावाट सोलर प्रकल्प के लिए जमीन अधिग्रहीत कर ली गई है.

निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर प्रकल्प का कार्य शुरू करने का निर्देश उन्होंने दिया. बैठक में प्रधान सचिव (ऊर्जा) दिनेश वाघमारे, महानिर्मिति व्यवस्थापकीय संचालिका शैला ए., महावितरण संचालक (वाणिज्य) सतीश चव्हाण, महानिर्मिति संचालक (प्रकल्प) थंगपांडियन , हाईपावर कमेटी के अनिल नगरारे, मुख्य अभियंता प्रकाश खंडारे, राजकुमार तासकर, मिलिंद नातू, राजेश पाटील, नागपुर प्रभारी प्रादेशिक संचालक महावितरण सुहास रंगारी उपस्थित थे.