Pakistan court stops auction of land of Peshawar gurudwara

नागपुर. साहूकारी की आड़ में अवैध वसूली करने वाले अपराधी संजय उर्फ संजू फातोड़े, उसके बेटे रजत और साथी प्रफुल गायकवाड़ को अंबाझरी थाने में दर्ज मामले में मुख्य न्यायदंडाधिकारी पी.एस. इंगले ने जमानत मंजूर की. रामनगर निवासी सागर देशमुख की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ फिरौती वसूली और अवैध साहूकारी का मामला दर्ज किया था. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है.

सागर ने फातोड़े से 15,000 रुपये उधार लिए थे. इस पर फातोड़े द्वारा 30 प्रश ब्याज लिया जा रहा था. आर्थिक तंगी होने के कारण सागर ब्याज की रकम नहीं लौटा पाया. इसीलिए संजू, रजत और प्रफुल ने सागर को धमकाना शुरु कर दिया. उससे जबरन 20,000 रुपये वसूल लिए और स्टैंप पेपर पर हस्तार करवाए गए.

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत पर भेजा गया. बचावपक्ष के अधिवक्ता कमल सतुजा और कैलाश डोडानी ने जमानत अर्जी दायर की. उन्होंने न्यायालय को बताया कि आरोपियों को जबरन झूठे मामले में फंसाया गया है.

फातोड़े के पास साहूकारी का लाइसेन्स है. पैसे उधार लेने के बाद सागर ने एक पैसा नहीं लौटाया. उसके पास पैसे लौटाने की कोई रसीद भी नहीं है. आरोपियों के घर की तलाशी में कुछ नहीं मिला और एफआईआर में भी देरी हुई.

पुलिस हिरासत ली जा चुकी है. इसीलिए उन्हें जमानत मंजूर की जानी चाहिए. सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को जमानत मंजूर की.