38,000 करोड़ की सरकार को चपत

  • पूर्व विधायक गजभिए ने भाजपा पर साधा निशाना

नागपुर. कोरोना के चलते पूरे विश्व की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है. इसी तरह राज्य सरकार पर आर्थिक संकट होने के बाद भी सम्पूर्ण देश में सर्वाधिक जीएसटी देनेवाले राज्य सरकार को भाजपा की केंद्र सरकार की ओर से किसी वित्तीय सहयोग नहीं किया गया. यहां तक कि राज्य सरकार के 38,000 करोड़ डूबोकर महाराष्ट्र को चपत लगाने का आरोप राकां के पूर्व विधायक प्रकाश गजभिए ने भाजपा पर लगाया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी विपरीत स्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है. जनता के हितों के फैसले लिए जा रहे हैं. यही विरोधियों की आंखों की किरकिरी बने हुए हैं. इसीलिए महाविकास आघाड़ी पर तरह-तरह के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं.

NDA की कारपोरेट सरकार

कड़ा प्रहार करते हुए गजभिए ने कहा कि एनडीए की कारपोरेट सरकार ने झूठ बोलने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. किसानों का अध्ययन करने के बाद ही कर्ज माफी देने का विश्वविक्रम फैसला लिया था. किंतु हाई कोर्ट द्वारा फटकार लगाने के बाद भाजपा सरकार समझ पाई. भाजपा की केंद्र सरकार तथा राज्य की तत्कालीन सरकार भ्रष्टाचारियों को क्लीनचिट देनेवाली सरकार रही है. किसानों की आत्महत्या भी भाजपा के कार्यकाल में बढ़ी हैं. आत्महत्या रोकने में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल रही है. आलम यह रहा कि मंत्रालय में धर्मा पाटिल को आत्महत्या करनी पड़ी थी. नोटबंदी के कारण 2 करोड़ नौकरियां भी हवा होने का आरोप उन्होंने लगाया.

18.89 किसानों को कर्जमाफी

उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते भले ही राज्य की आर्थिक स्थिति पर संकट हो, लेकिन संकट में आए किसानों को बचाने का काम सरकार द्वारा किया गया है. महाविकास आघाड़ी की ओर से 31 मार्च 2020 तक राज्य के 18,89,528 किसानों के खाते में 11,966 करोड़ रु. की कर्जमाफी की राशि जमा की गई. जिला सहकारी बैंक के माध्यम से 10,40,935 किसानों के खाते में 5,407.13 करोड़, अन्य बैंक के माध्यम से 8,48,593 किसानों के खाते में 6,559 करोड़ रु. जमा किए गए हैं. कोरोना के संकटकाल में गरीब वर्ग की मदद के लिए राशन दूकानों का कोटा 3.87 लाख मेट्रिक टन से 7.74 लाख मेट्रिक टन तक ले जाया गया है. केसरी कार्डधारकों को 1.52 लाख मेट्रिक टन अतिरिक्त अनाज का वितरण किया गया.