Bogus doctor's fake degree seized, police searched the hospita
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नागपुर. पिछले कुछ महीनों से ओएलएक्स नामक वेबसाइट पर ठगों की टोली सक्रिय है. वाहन, फर्निचर और अन्य सामान खरीदी-बिक्री के नाम पर लोगों को चूना लगाया जा रहा है. एमआईडीसी और गिट्टीखदान थाना क्षेत्र में रहने वाले 4 नागरिकों को इसी तरह ठगा गया. एमआईडीसी पुलिस ने भीमनगर, इसासनी निवासी अभिषेक रामनाथ त्रिपाठी (17) की शिकायत पर मामला दर्ज किया.

अभिषेक के अलावा तामसिंह लांजेवार और नरेंद्र उपाध्याय के साथ भी ठगी की गई. अभिषेक ने अपने घर की वॉशिंग मशीन, अलमारी और दुपहिया वाहन बेचने के लिए ओएलएक्स साइट पर विज्ञापन डाला था. 20 मई को अरुण राणा और जोरा सिंह नामक व्यक्ति ने अभिषेक से संपर्क किया. सामान खरीदने की इच्छा जाहिर की. अकाउंट में पैसे जमा करने के लिए बार-बार क्यूआर कोड भेजा. इसी क्यूआर कोड के जरिए अभिषेक के खाते से 32,000 रुपये निकाल लिए गए. नरेंद्र और तामसिंह के साथ भी इसी तरह की ठगी हुई. नरेंद्र के खाते से 42,700 रुपये और तामसिंह के खाते से 34,900 रुपये ट्रांस्फर किए गए. पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.

वाहन बेचने के नाम पर लगाया चूना
गिट्टीखदान थाना क्षेत्र में एक युवक को वाहन बेचने के नाम पर चूना लगाया गया. पुलिस ने अनंतनगर निवासी सैफ अब्दुल आरिफ अंसारी (26) की शिकायत पर मामला दर्ज किया. सैफ को एक सेकंड हैंड कार खरीदनी थी. उसने ओएलएक्स पर एम.एच.02-सी.एल.8845 नंबर की गाड़ी पसंद की. दिए गए नंबर पर कांदीवली, मुंबई निवासी भरत जयंतीलाल परमार से संपर्क किया. भरत ने 2 लाख रुपये में सौदा पक्का कर लिया और पेटीएम से रकम ट्रांस्फर करने को कहा. सैफ ने 2 लाख रुपये ट्रांस्फर कर दिए. इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर आरोपी रकम मांगता रहा. सैफ ने खाते में कुल 4.24 लाख रुपये जमा कर दिए. न तो कार मिली और न रकम वापस आई. सैफ ने मामले की शिकायत पुलिस से की.