Construction workers
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  • पंजीयन कार्य में आने वाली परेशानियां बरकरार

भंडारा. लाकडाउन के दौरान निर्माण कार्य क्षेत्र से जुड़े मजदूरों के हाथ से काम चला गया था. गृह निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूरों की ओर राज्य सरकार ने ध्यान दिया है और अब 2 चरणों मे जिले के 47,400 हजार मजदूरों को काम देने का निर्णय लिया गया है. इस योजना के तहत भंडारा के 97,000 मजदूरों का अभी तक पंजीयन किया गया है.

22,303 मजदूर लाभ से वंचित

गत वर्ष लाकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद सभी व्यवहार बंद कर दिए गए. तालाबंदी के कारण गृह निर्माण से जुड़े मजदूरों के हाथ से काम चला गया. इससे मजदूरों के समक्ष भुखमरी का संकट उत्पन्न हो गया था. उस दौर में राज्य सरकार ने गृह निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूरों को राहत देने के लिए 5,000 रु. की मदद देने की घोषणा की थी. भंडारा जिले में 97,000 निर्माण कार्य क्षेत्र से जुड़े मजदूरों का पंजीयन किया गया है. लेकिन सभी मजदूरों की ओर से नवीनीकरण न किए जाने की वजह से कई बार बहुत से मजदूरों को सरकारी योजना का लाभ नहीं  मिल पाता.  47,400 मजदूरों में से 22,303 मजदूरों अभी-भी योजना के लाभ से वंचित हैं. 

कार्यालय से नहीं मिलती उचित जानकारी

निर्माण कार्य क्षेत्र से जुड़े मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आनलाइन पंजीयन करना जरूरी है. मजदूरों को मदद देने के लिए जिले के मजदूरों का पंजीयन प्रक्रिया भी शुरू की गई.  मजदूरों को आनलाइन पंजीयन करते समय अनेक  तरह की समस्याएं आयीं. कई बार मजदूरों को आनलाइन पंजीयन शुरू है या बंद इसका ही पता ही नहीं चला. इस बारे में कई बार कामगार आयुक्त कार्यालय में पूछताछ करने पर कनिष्ठ कर्मचारियों की ओर से उचिय जानकारी नहीं दी जाती. 

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मजदूरों को कई बार घंटों खड़ा रहना पड़ता है. जिलाधिकारी से अपील की गई है कि वे इस बारे में गंभीरता से ध्यान दें. जिस लक्ष्य को सामने रखकर सरकार की ओर से यह योजना बनायी गई थी वह उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा. पंजीकृत मजदूरों में से जिन्हें सरकारी घोषणा का लाभ मिला है, उनका कहना है कि सरकारी घोषणा का लाभ पाने में बड़ी झंझट है और जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिला है, वे कह रहे हैं कि न जाने हमें कब इस योजना का लाभ मिलेगा. योजना का लाभ पाने की प्रतीक्षा कर रहे 22303 मजदूरों का कहना है कि देर से ही सही उन्हें सरकारी राहत जरूर मिलेगी.