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    कोंढाली. कोंढाली-नागपुर मार्ग पर सातनवरी परिसर में स्थित इंडस पेपर बोट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सोमवार की शाम आग लग गई. देखते ही देखते आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग घटनास्थल पर पहुंचा. आधा दर्जन दमकल वाहनों के साथ अग्शिमन विभाग के दर्जनभर अधिकारी और कर्मचारी आग बुझाने में जुटे रहे लेकिन 10 घंटे बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका. आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है. बड़े पैमाने पर फैक्ट्री परिसर में रखा कच्चा माल जलकर खाक हो गया. बाजारगांव के समीप सातनवरी गांव में बेंगलुरु के ओरोगामी ग्रुप द्वारा संचालित इंड्स पेपर बोट कंपनी है.

    यह टीशू पेपर, किचन टॉवल और टॉयलेट रोल बनाने वाली मध्य भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. यहां से माल अमेरिका और युरोप में निर्यात किया जाता है. टीशू पेपर बनाने के लिए कच्चा माल भी आयात होता है. कंपनी के 4 शेड में कच्चा माल और रद्दी पेपर स्टोर किया गया था. शाम 4 बजे के दौरान कंपनी की पिछली तरफ रखी रद्दी में अचानक आग लग गई. सिक्योरिटी गार्ड ने घटना की जानकारी प्रबंधन और दमकल विभाग को दी. घटना के समय करीब 200 कर्मचारी कंपनी में मौजूद थे. सुरक्षा के लिहाज से सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

    तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल 

    पहले तो कंपनी के ही कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद इंतजाम नाकाफी थे. सीएफओ राजेंद्र उचके अपनी टीम के साथ 2 दमकल वाहन लेकर घटनास्थल पर रवाना हुए. इसके अलावा कलमेश्वर और वाड़ी नगर परिषद से भी 2 वाहन घटनास्थल पर पहुंचे. बताया जाता है कि परिसर में सैंकड़ों टन कच्चा माल रखा हुआ था. कागज होने के कारण आग तेजी से फैल चुकी थी. उसपर शाम को चली तेज हवा और आंधी ने आग में घी डालने का काम किया. हवा के चलते आग परिसर को घेरती जा रही थी. ऐसे में लपटों के बीच दमकलकर्मियों का काम करना भी मुश्किल हो गया. आग को बुझाने से ज्यादा जरूरी उसे फैलने से रोकना था. इसीलिए चारों तरफ से आग की लपटों पर पानी की बौछार की गई. यदि आग फैल जाती तो ज्यादा नुकसान हो सकता था. गांव के लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए. कलमेश्वर पुलिस ने यहां मोर्चा संभाला और भीड़ को खदेड़ दिया. 

    2 साल में तीसरा हादसा 

    सीएफओ उचके ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से लगातार इस कंपनी में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं. यह तीसरा हादसा सामने आया है. कंपनी में पानी की टंकी और पंप के साथ फायर हाईड्रेंट सिस्टम तो लगाया गया है लेकिन इतनी बड़ी आग को काबू में कर पाना मुश्किल है. हवा तेज होने के कारण आग तेजी से फैली. उसपर से भले ही आग पर काबू हो जाए, लेकिन पेपर के ढेर में भीतर तक आग फैल चुकी है. पूरा माल भी खाली नहीं किया जा सकता. आग को देखते हुए नागपुर से 2 और वाहन रवाना किए गए है. यह कंपनी 1993 से चल रही है जिसके संचालक बेंगलुरु के मनोज पचेसिया है.