ABVP pressure, university withdraws, refuses to give vice-chancellor speech in anti-naxal program

  • एमए एक्स्टर्नल छात्रों के साथ विवि कर रहा मजाक

नागपुर. आरटीएम नागपुर विवि द्वारा ली जा रही अंतिम वर्ष की ऑनलाइन परीक्षा में हर दिन कोई न कोई विध्न आ रहा है. इसके बावजूद प्रशासन गंभीरता दिखाने की बजाय ‘चलता है’ कि भूमिका अपनाएं हुये हैं. प्रशासनिक लापरवाही की वजह से एमए अंतिम वर्ष (एक्स्टर्नल) के छात्रों का टेंशन बढ़ गया है.

विवि ने प्रथम पेपर 22 अक्टूबर को लिया. दूसरा पेपर शनिवार को दोपहर 1.30 बजे से था. लेकिन काफी देर तक लागिन नहीं होने के बाद जब छात्रों ने हेल्पलाइन पर संपर्क कर पूछा तो बताया गया कि अब परीक्षा अगले महीने होगी. लेकिन अब होगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई. विवि द्वारा योग्य नियोजन नहीं करने का ही नतीजा है कि अब तक छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कभी लिंक नहीं मिलती तो कभी लागिन ही नहीं होता. छात्र भी परीक्षा के नाम पर परेशान हो गये है. कई छात्र तो यह मान बैठे है कि अब सब ‘उपरवाले’ पर छोड़ दो.

तिथि नहीं बताई, बस कह दिया अगले महीने

शनिवार को एमए भारतीय प्रशासन पाठ्यक्रम के फोर्थ सेमेस्टर का दूसरा पेपर लिया जाना था. छात्र तैयारी कर पेपर देने बैठे. दोपहर 1.30 बजे से पेपर शुरू होना था. लेकिन 2 घंटे तक प्रयास करने के बाद भी लागिन नहीं होने से छात्र टेंशन में आ गये. छात्र अपने एक-दूसरे साथियों से पूछताछ करने के लगे. बाद में छात्रों ने विवि के हेल्पलाइन पर फोन कर संपर्क किया. काफी देर तक फोन इंगेज होने की वजह से कई छात्रों को निराशा हाथ लगी. दोपहर 3.30 बजे छात्रों को बताया गया कि एक्स्टर्नल छात्रों की परीक्षा बाद में ली जाएगी. लेकिन बाद में कब ली जाएगी, यह स्पष्ट नहीं किया गया.

विवि के अधिकारियों का तो यह भी कहना है कि इस माह एक्स्टर्नल छात्रों की परीक्षा थी ही नहीं. अब सवाल यह उठता है कि जब विवि के शेड्यूल में एक्स्टर्नल छात्रों की परीक्षा इस माह नहीं लेना था तो फिर पहला पेपर कैसे लिया गया. विवि की इस कार्यग्रणाली पर सवाल उठने लगे है. अब तो छात्रों का भी टेंशन बढ़ने लगा है. हर दिन होने वाली परेशानी के बाद भी विवि प्रशासन द्वारा आनलाइन परीक्षा को लेकर गंभीरता नहीं बरतना विवि की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करता है.