विफल रही मनपा की अभय योजना, 80 प्रतिशत छूट के बावजूद वसूली नहीं

  • 437 करोड़ केवल सम्पत्ति कर का बकाया
  • 32 करोड़ ही हो पाई वसूली
  • 09 करोड़ रू. जुर्माना हुआ माफ

नागपुर. मनपा में आर्थिक कंगाली के कारण अटके विकास तथा सम्पत्ति कर का 437 करोड़ तथा पानी कर के रूप में भी लगभग 200 करोड़ का बकाया मिलाकर कुल 637 करोड़ रु. की वसूली के लिए हाल ही में मनपा द्वारा अभय योजना शुरू की गई. जिसमें टैक्स का भुगतान करने पर लोगों को जुर्माना में 80 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की गई. सम्पत्ति कर बकायादारों को तमाम तरह के लालच देने के बावजूद अभय योजना विफल होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब 13 दिसंबर तक ही रखी गई छूट की समयावधि 20 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी गई.

लेकिन सम्पत्ति कर के 437 करोड़ के बकाया में से अभय योजना में केवल 32 करोड़ ही मनपा वसूल कर पाई है. जबकि इसमें जुर्माना के रूप में सम्पत्तिधारकों को 9 करोड़ की छूट का लाभ मिल पाया है. अब समयावधि बढ़ाए जाने से इसका लाभ लेने की अपील महापौर दयाशंकर तिवारी, स्थायी समिति सभापति पिंटू झलके और मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी ने लोगों से की. 

3.75 लाख बकायादार

कई कारणों से सम्पत्ति कर बकाया की वसूली नहीं होने के कारण लगातार बकायादारों का आंकड़ा बढ़ते ही गया है. जहां कुछ लोगों द्वारा पुनर्मूल्यांकन को लेकर आपत्ति जताई गई, वहीं कुछ मामलों में अनाप-शनाप कर लगाए जाने को लेकर आपत्ति जताई गई. यहां तक कि कुछ सम्पत्तिधारकों की ओर से अदालत का दरवाजा भी खटखटाया गया. अब आलम यह है कि बकायादारों का आंकड़ा 3.75 लाख तक पहुंच गया है. अभय योजना में इन बकायादारों में से अधिकांश द्वारा कर अदा करने की आशा जताई गई थी. किंतु वास्तविकता यह है कि अब तक केवल 28 हजार बकायादारों ने ही इस योजना का लाभ लिया है.

जानकारों के अनुसार यह पहला मौका नहीं है कि मनपा द्वारा अभय योजना की घोषणा की गई. इसके पूर्व भी इस तरह की योजना चलाई गई थी. उसे भी सम्पत्तिधारकों की ओर से प्रतिसाद नहीं मिला था. अनुभव कड़वा होने के बावजूद अब चुनावी वर्ष को देखते हुए फिर से योजना को लाया गया. किंतु इस वर्ष भी प्रतिसाद नहीं मिला है. 

10 प्रतिशत लोगों ने लिया लाभ 

प्रशासन की ओर से बकाया अदा करने के लिए प्रत्येक जोन में सुविधाएं दी गई है. यहां तक कि अवकाश के दिन भी कर अदा करने के लिए सेवा शुरू रखी गई थी. जिससे मनपा को 32 करोड़ की आय हुई है. आम तौर पर जनता फरवरी और मार्च के महीने में ही कर अदा करने के लिए पहुंचते है. इसके बावजूद अभय योजना में 10 प्रतिशत लोगों ने बकाया अदा किया है. चूंकि समयावधि बढ़ाई है, अत: एक सप्ताह में फिर अच्छी आय होने से इंकार नहीं किया जा सकता है. -मिलिंद मेश्राम, सहायक आयुक्त, कर विभाग.