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  • सेव्हन स्टार और विवेका अस्पताल पर कारवाई

नागपुर. कोरोना महामारी के इस संकटकाल में जनता को उपचार की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से सहयोग के लिए निजी अस्पतालों को मंजूरी प्रदान की गई. यहां तक कि इस विपदा में पीड़ित परिवारों पर इलाज का अधिक खर्च का बोझ ना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से शुल्क का भी निर्धारण किया. किंतु कुछ निजी अस्पतालों द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक की वसूली की गई. ऐसे ही 76 मरीजों से अधिक वसूली करनेवाले जगनाडे चौक पर स्थित सेवन स्टार अस्पताल और विवेका अस्पताल के खिलाफ मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी के आदेशों पर कार्रवाई की गई.

23.96 लाख वापस लौटाने के आदेश

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार न केवल दर निर्धारित किए गए, बल्की अधिक वसूली होने की शिकायतें आने के बाद मनपा द्वारा जांच और आडिट करने के लिए आडिट अधिकारी की नियुक्ति की गई. इन अधिकारियों द्वारा आडिट करने के बाद रिपोर्ट मनपा आयुक्त को सौंपी गई. जिसमें इन दोनों अस्पतालों का कारनामा उजागर हुआ. मनपा आयुक्त ने संक्रमण प्रतिबंधक कानून 1897 एवं अन्य कानून अंतर्गत इन मरीजों से वसूली गई 23,96,050 रु. वापस करने के आदेश जारी किए. अति. आयुक्त जलज शर्मा के नेतृत्व में लेखाधिकारी संजय मांडले, राजेश जिभकाटे, राजू बावनकर, अनिल भुरे, राजेन्द्र चिंतलवार, प्रदीप बागडे, हर्षा मेश्राम, साजिया शम्स ने अस्पतालों का आडिट किया था. 

अबतक मरीजों को वापस मिले 30 लाख 

मनपा की ओर से सतर्कता बरती जाने के कारण अबतक अलग-अलग अस्पतालों से पीड़ित मरीजों को 30 लाख रु. वापस मिल पाए हैं. बताया जाता है कि सुभाष नगर स्थित विवेका अस्पताल द्वारा रिफ्रेशमेंट चार्जेस, पीपीई कीट के लिए 50 मरीजों से 17,97,040 रु. अधिक वसूले गए थे. जबकि सेवन स्टार अस्पताल द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए बायोमेडिकल वेस्ट चार्जेस, कोविद स्टाफ मैनेजमेंट चार्जेस एंड इंस्पेक्शन कंट्रोल, सेनेटाईजेशन, हाऊस किपिंग तथा एक्सक्ल्यूजन क्रायटेरिया के नाम पर 26 मरीजों से 5,99,000 रु. की वसूली की गई थी. मनपा आयुक्त के निर्देशों के अनुसार अस्पतालों को 2 दिन के भीतर पीड़ितों को राशी लौटानी होगी. साथ ही आदेश का पालन किए जाने के दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट भी मनपा को पेश करनी होगी.