Old Bhandara Road

  • निधि भी उपलब्ध फिर भी 20 वर्ष से लटका

नागपुर. यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि जिस प्रोजेक्ट के लिए सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो, निधि उपलब्ध करवा दी गई हो उसे प्रोजेक्ट को अब मनपा और जिला प्रशासन के संबंधित विभाग के अधिकारी जानबूझकर लटका रहे हैं. बात पुराना भंडारा रोड की हो रही है जिसके सिमेन्टीकरण व चौड़ाईकरण के लिए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूरी निधि उपलब्ध करवा दी है. मेयो हास्पिटल से सुनील होटल तक बनने वाले इस रोड के चौड़ाईकरण के दायरे में आने वाली सारी प्रापर्टी का नापजोख हो चुका है. नोटिस तक जारी किये जा चुके हैं. कई लोगों ने स्वीकृति पत्र तक दे दिया है लेकिन काम आगे नहीं बढ़ रहा है. अब बाधित प्रापर्टी को तोड़कर रोड को चौड़ा करने का कार्य ही करना है लेकिन उसे लटका कर रख दिया गया है. 20 वर्षों से यह रोड लटका हुआ है, जिसका रास्ता खुला जरूर लेकिन अब मनपा के अधिकारी कोरोना का बहाना बनाकर इसे अटकाने का खेल खेल रहे हैं.

कारण समझ से परे
मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के अध्यक्ष भूषण दड़वे और रविन्द्र पैगवार का कहना है कि इस रोड के लिए लगातार फालोअप के बाद ही गडकरी ने भी निधि उपलब्ध कराई और सारी प्रक्रिया तक कर ली गई. अब तो महापौर ने भी एक बैठक में सिटी की सभी सीमेन्ट सड़कें जो कोरोना के चलते अधूरी लटकी हुई थीं, के कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया है. ऐसे में पुराना भंडारा रोड का काम भी तत्काल शुरू होना चाहिए. कोरोना लाकडाउन को शिथिल कर दिया गया है और निर्माण कार्य में बाधा नहीं है. यह समझ से परे हैं कि फिर अधिकारी जानबूझकर रोड निर्माण को क्यों अटका रहे हैं.

वर्ष 2000 से अटका है कार्य
दड़वे ने बताया कि यह काम वर्ष 2000 से अटका हुआ है. 2011 में तात्कालीन कार्यकारी अभियंता द्वारा सेंटर लाइन की मार्किंग की गई थी लेकिन 2011 में की गई सेंटर लाइन की मार्किंग का निशान ही मिट गया था. जिसके चलते कार्यकारी अभियंता को एक बार फिर टाउन प्लानिंग सहायक संचालक को दोबारा नये सिरे से सेन्टर लाइन मार्किंग करने का निर्देश दिया गया. बताते चलें कि इस रोड की चौड़ाईकरण की लागत वर्ष 2007 में करीब 220 करोड़ आंकी गई थी. तब यह डामर रोड बनना तय किया गया था लेकिन जानकारी मिली है कि अब इसे सीमेन्ट रोड बनाया जाएगा. इसके लिए केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने निधि भी उपलब्ध करवा दी है.

HC के निर्देश का धीमी गति से पालन
भूषण दड़वे ने आरोप लगाया है कि मनपा प्रशासन द्वारा पुराना भंडारा रोड के मामले में हाईकोर्ट के निर्देशों का बेहद धीमी गति से पालन कर रहा है. उन्होंने कहा कि जिस तरह यातायात में बाधित धार्मिक स्थलों को तोड़ने की कार्रवाई में मनपा प्रशासन ने तेजी दिखाई उसी तर्ज पर यहां भी पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केलीबाग रोड का मामला तो पुराना भंडारा रोड के बाद में आया है जहां अदालत के निर्देश का तेजी से पालन शुरु किया गया था फिर पुराना भंडारा रोड पर सुस्ती क्यों दिखाई जा रही है.