Nitin raut

    • 480 मे.टन ऑक्सीजन की जरूरत पूर्ण
    • 125 मे.टन ऑक्सीजन टैंक होंगे स्थापित
    • 1.96 करोड़ रुपये होंगे खर्च

    नागपुर. कोरोना की थर्डवेव की आशंका को ध्यान में रखते हुए छोटे बच्चों के उपचार के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं जिले में प्राथमिकता से पूरी की जा रही हैं. जिले को 480 मे.टन ऑक्सीजन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए नियोजन किया गया है. तमिलनाडु से 125 मे.टन स्टाक की क्षमता का जम्बो ऑक्सी टैंक आ गया है जिसे शासकीय मनोरुग्ण अस्पताल परिसर में स्थापित किया जाएगा. इसके लिए 1.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे और कार्य 15 दिनों में पूरा किया जाएगा.

    यह जानकारी पालक मंत्री नितिन राऊत ने कोरोना के संदर्भ में ली गई बैठक में दी. बैठक में विभागीय आयुक्त प्राजक्ता लवंगरे-वर्मा, सीपी अमितेश कुमार, मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी., जिलाधिकारी  विमला आर., सीईओ योगेश कुंभेजकर, एसपी राकेश ओला, टास्क फोर्स प्रमुख डॉ. भृशुंडी, डॉ. सरनाईक, स्वास्थ्य उप संचालक डॉ. संजय जयस्वाल, डॉ. देवेंद्र पातूरकर, डॉ. दीपक सेलोकर, मनपा उपायुक्त राम जोशी, उद्योग सह संचालक धर्माधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. 

    वैक्सीनेशन तेज करने का निर्देश

    राऊत ने वैक्सीनेशन तेज करने के लिए औद्यौगिक समूहों से वैक्सीन खरीदने के लिए मदद लेने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिल में विविध क्षेत्र में 1.75 लाख कामगार हैं जिनका वैक्सीन करने के लिए नियोजन करें. जिले में लगभग 11.42 लाख को वैक्सीन लगा है जिसमें से 3.20 लाख को दूसरा डोज मिल चुका है. लवंगरे ने तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीबेड, स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी. मनपा आयुक्त ने बताया कि सिटी में 156 केंद्रों पर वैक्सीन शुरू है. हर रोज 25 से 30 हजार नागरिकों को वैक्सीन दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सिटी के लिए रोज 1 लाख डोज मिलना चाहिए. 

    डेंगू के 205 मरीज

    पालक मंत्री ने सिटी सहित जिले में डेंगू के बढ़ते मरीजों पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि प्रत्येक घरों की जांच कर डेंगू मरीजों का तत्काल उपचार शुरू करें. उन्होंने कहा कि ग्रामीण भागों में 118 और सिटी में 87 मरीज मिले हैं. डेंगू पर नियंत्रण के लिए सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाने के लिए जनजागृति का निर्देश भी उन्होंने दिया.