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नागपुर. आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत अनेक पालकों द्वारा बोगस दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश के कई मामले सामने आये हैं. इतना ही नहीं कई पालकों ने एजेंट की मदद से तहसीलदार और उपजिलाधिकारी के बोगस हस्ताक्षर भी किये. इस संबंध में एक्शन कमेटी के चेयरमैन मो शाहिद शरीफ़ द्वारा प्रशासन को इस तरह को शिकायतें सौंपी गई. साथ ही कार्रवाई की भी मांग की गई.

सिविल लाइन्स के एक स्कूल में आवेदनकर्ता ने बोगस डिजिटल सिग्नेचर का आय प्रमाण पत्र दिया था, जो महा ऑनलाइन में दर्शाया नहीं जा रहा था. उसकी पुष्टि सेक्शन ऑफ़िसर सदस्य सचिव हरडे के समक्ष की गई. जिसमें आवेदन क्रमांक 20एनजीOO6751 अपात्र देख निरस्त कर दिया गया था. इसके बाद पालक द्वारा शिक्षा अधिकारी वंजारी से मिलने के बाद उन्होंने दोबारा ऑनलाइन में प्रवेश को बरकरा रखने का आदेश सदस्य सचिव यूआसी-2 को दिया.

नियमानुसार आवेदनकर्ता ने जांच समिति के सामने जो दस्तावेज़ दिए थे वे दस्तावेज़ जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा अवैध पाये गये और उस पर तहसीलदार ने आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश भी जारी किया है. इसके बाद भी पालक का प्रवेश जारी रखना नियम का उल्लंघन है. यह उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार जांच समिति का अपमान है.