जिले के 6 केवी में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू

  • 19 तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
  • 23 अप्रैल को जारी होगी पहली सूची

नागपुर. शैक्षणिक सत्र 2021-22 में जिले के 6 केंद्रीय विद्यालयों में पहली क्लास में एडमिशन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन kvsonlineadmission.kvs.gov.in के माध्यम से होंगे. फॉर्म भरने की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हो गई है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल निर्धारित की गई है. जिले में अजनी केंद्रीय विद्यालय के दो शिफ्ट, वायुसेना केंद्रीय विद्यालय, सीआरपीएफ, अंबाझरी केंद्रीय विद्यालय और कामठी केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है. इन स्कूलों में 23 अप्रैल को प्रवेश की पहली सूची और 30 अप्रैल को प्रवेश की दूसरी सूची जारी होगी. 05 मई को तब तीसरी सूची जारी होगी, जब दोनों सूची जारी होने के बाद भी सीट रिक्त रह जाएंगी.

गाइडलाइन में कक्षा के मुताबिक उम्र की न्यूनतम और अधिकतम सीमा और आरक्षण की प्रक्रिया भी दी है. केवी में कक्षा दूसरी से लेकर 10वीं तक खाली सीटों के लिए ऑफलाइन पंजीयन प्रक्रिया 8 अप्रैल से शुरू होगी. विभिन्न केवी में कक्षा दूसरी से 10वीं तक उपलब्ध खाली सीटों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 8 अप्रैल से शुरू होगी. ऑफलाइन पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित की गई है. 19 अप्रैल को प्रवेश की पहली सूची जारी होगी.

स्कूल की वेबसाइट में मिलेगी सूची

प्रवेश के लिए आवेदन करने के बाद सूची 23 अप्रैल, 30 अप्रैल और 5 मई को जारी होगी. क्रमश: पहली, दूसरी और तीसरी सूची स्कूलों द्वारा श्रेणीवार जारी की जाएगी. इस सूची को केंद्रीय विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ ही वेबसाइट पर भी इसे अपलोड किया जाएगा. ताकि पैरेंट्स को घर बैठे बच्चों के प्रवेश की जानकारी मिल सके. इसके अलावा अवकाश का दिन पड़ने की स्थिति में आवेदन करने से चूक गए पालकों को अगले दिन आवेदन करने की छूट भी प्रदान की जाएगी.

वायुसेना केवी को भी दो शिफ्ट में शुरू करने की मांग

जिले में 6 केंद्रीय विद्यालय हैं, लेकिन इसके बाद भी छात्रों को एडमिशन के लिए काफी समस्या होती है. कई छात्र प्रवेश से वंचित हो जाते हैं. अभी अंजनी दो शिफ्ट में संचालित हो रही है. अंजनी की तर्ज पर वायुसेना केवी को भी दो शिफ्ट में संचालित करने की मांग की जा रही है. बताया जा रहा है कि छात्रों की संख्या काफी बढ़ गई है, लेकिन उनको सीट नहीं मिल पाती. दो शिफ्ट में स्कूल शुरू हो जाने से छात्रों के साथ-साथ काफी टीचर्स को भी इसका लाभ मिलेगा. बाहर पढ़ाने वाले टीचर्स भी वापस नागपुर आ सकेंगे.