800ṇ वर्ष बाद गुरु व शनि ग्रह एक साथ – 21 दिसंबर को होगा मिलन

नागपुर. आगामी 21 दिसंबर का दिन खगोलीय घटनाक्रम के लिये बहुत खास होने वाला है. इस दिन सौरमंडल के दो बड़े ग्रह शनि (सैटर्न) और गुरु या बृहस्पति (जूपिटर) काफी नजदीक और एक साथ नजर आएगे. यह दूरी एक हाथ के बराबर होने का अनुमान जताया जा रहा है. खगोलविद यानी एस्ट्रोनॉट्स इस खगोलीय घटना को ग्रेट कजंक्शन कहते हैं. रमन विज्ञान केन्द्र में दोनों ग्रहों को पास आते हुए 8 दिसंबर से देखा जा रहा है. हर दिन छात्रों और अन्य नागरिकों को ग्रहों को पास आते दिखाया जा रहा है. इसके अलावा उन्हें ग्रहों की पूरी जानकारी प्रदान की जार रही है. 

शाम 6 से 7 तक होगा अदभुत नजारा

शिक्षण अधिकारी विलास चौधरी ने बताया कि यह नजार इससे पहले 800 वर्ष पूर्व देखा गया था. उस समय कोई टेलिस्कोम नहीं होने के कारण जनता ने यह खुली आखों से देखा था. 400 वर्ष पहले भी यह दोनों ग्रह काफी पास आए थे लेकिन सूरज की रौशनी के कारण कोई भी इसे ठिक से नहीं देख पाया था. इस वर्ष जतना को यह अनोखा दृष्य देखने का मौका मिल रहा है.

आगामी सोमवार को शाम 6 से 7 बजे के बिच पहली बार ग्रहों को टेलिस्कोप के एक ही फिल्ड में देखा जाएगा. बृहस्पति सौरमंडल का पांचवा जबकि शनि छठवां ग्रह है. सभी ग्रह की तरह ये ग्रह भी लगातार सूर्य का चक्कर (परिक्रमा) लगाते रहते हैं. जहां बृहस्पति की एक परिक्रमा लगभग 12 वर्ष में हो पाती है, वहीं शनि को एक चक्कर पूरा करने में लगभग 29 साल लग जाते हैं.

चमकदार होगा शनि

जब दोनों ग्रह काफी करीब आएंगे, तब यह बहुत ही रोमांचक घटना होगी. इस खगोलीय घटना को खुली आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन ज्यादा बारीकी से और बेहतर एक्सपीरियंस के लिये दूरबीन या टेलिस्कोप से देखा जाना बेहतर होगा. सूर्यास्त होने के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके खड़े होकर नजर पश्चिमी आकाश की तरफ करेंगे तो दोनों ग्रह एक-दूसरे से जोड़ी बनाते नजर आएंगे. ज्यादा चमकदार ग्रह बृहस्पति और उसके थोड़ा कम चमकदार ग्रह शनि होगा. सुर्यास्त होते ही इस घटना का अस्त हो जाएगा.