चिंता और भय से स्वास्थ्य पर असर

  • कोविड संवाद में विशेषज्ञों ने दिया सुझाव

नागपुर. कोरोना महामारी के इस संकटकाल में कई बातों को लेकर लोगों के दिलों में भय का वातावरण बना हुआ है. कहीं कोरोना होने के बाद बेड मिलेगा या नहीं, इलाज अच्छी तरह से होगा या नहीं, इसी चिंता के कारण भले ही कोरोना की चपेट में न आए हो, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है. इन सभी चिंताओं से दूर कैसे रहे, यह स्वयं पर निर्भर है. जिसके लिए अच्छी नींद, सुबह नियमित व्यायाम, प्राणायाम व योगा, व्यसनों से दूर रहना और सकारात्मक विचार करने का सुझाव विशेषज्ञों ने लोगों को दिए. मनपा और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘कोविड संवाद’ फेसबुक लाइव का आयोजन किया गया. जिसमें ‘कोरोना भय को भगाने के उपाय’ विषय पर मानसोपचार तज्ञ सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. सुशील गावंडे और मानसोपचार विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर भावे ने लोगों के सवालों के जवाब दिए.

भय के कारण उत्पन्न हुई कई समस्याएं

लोगों के सवालों का जवाब देते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि कोरोना के भय के कारण ही कई समस्याएं उत्पन्न हुई है. महामारी की उत्पन्न स्थिति के कारण चिंता बढ़ी है. जिसकी वजह से कई लोगों को नींद तक नहीं आती है. मन के भय का सीधा असर अपने प्रतिरोधात्मक शक्ति पर पड़ता है. तनाव के कारण रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति कम होती है. विशेषज्ञों ने कहा कि मन पर तनाव उत्पन्न होने से शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते है. मानसिक और शारीरिक प्रभाव पड़ता है. भय के वातावरण में रहने पर शरीर की प्रतिरोधात्मक शक्ति 48 घंटों में कम होने लगती है. भय व्यक्ति को गंभीर बीमारी की ओर ले जा सकता है. 

भय के कारण ही ऑक्सीजन लेवल पर असर

विशेषज्ञों ने बताया कि भय के कारण ही हार्टबिट्स बढ़ते हैं. जिसका सीधा असर ऑक्सीजन पर पड़ता है. अत: सर्वप्रथम लोगों को किसी भी तरह का भय नहीं रखना चाहिए. डर को कम करने के लिए कुछ सटिक बातों को करना जरूरी है. सोशल मीडिया पर के संदेश पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए. सर्वप्रथम उन्हें पढ़ना बंद किया जाना चाहिए. इसे आगे पोस्ट नहीं करना चाहिए. इसके अलावा न्यूज देखना बंद किया जाना चाहिए. केवल समाचार पत्र पढ़ना चाहिए. व्यक्ति ने क्या सोचना चाहिए, यह उसके हाथों में है. परिवार के साथ एकत्रित रहकर सकारात्मक दिनचर्या बिताना चाहिए. कोरोना होने के बाद भी स्वास्थ्य ठीक हो जाएगा, यहीं सकारात्मक विचार रखना चाहिए.