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  • नियम तोड़नेवालों को हाईकोर्ट की फटकार

नागपुर. ट्राफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर छपी खबरों पर हाईकोर्ट की ओर से स्वयं संज्ञान लेते हुए जनहित में स्वीकृत किया गया था. गुरूवार को याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश रवि देशपांडे और न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने गत एक वर्ष के भीतर ट्राफिक पुलिस पर हुए हमलों की जानकारी देने के आदेश पुलिस आयुक्त को दिए. साथ ही अदालत ने नियम तोड़नेवालों को कड़ी फटकार लगाते हुए जिम्मेदारियों का वहन करनेवाले ट्राफिक पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं होने की कड़ी चेतावनी भी दी. अदालत मित्र के रूप में अधि. श्रीरंग भांडारकर और मनपा की ओर से अधि. सुधीर पुराणिक ने पैरवी की. गुरूवार को सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा गत समय दिए गए आदेशों के अनुसार पुलिस विभाग की ओर से हलफनामा भी दायर किया गया.

लगातार बढ़ते जा रहे मामले

अदालत ने आदेश में कहा कि शहर में जिस तरह से सिग्नल जम्पिंग के मामले बढ़ रहे हैं, उसी तरह ऐसे वाहनचालकों को पकड़ने के लिए चौराहे पर खड़े ट्राफिक कान्सटेबल के साथ मारपीट और हमले भी बढ़ते दिखाई दे रहे हैं. इस तरह से जनता की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस के साथ बर्ताव स्वीकार्य नहीं है. लगातार बढ़ते हमलों के कारण पुलिस कान्सटेबल की सुरक्षा हाशिए पर आ गई है. सेवा दे रहे इन कर्मचारियों के काम में दखलअंदाजी और कानून को हाथ में लेने की यह कार्यप्रणाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उल्लेखनीय है कि गत सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से चौराहों पर खड़े रहने की बजाए, कोने में खड़े रहकर मोबाईल पर लगे रहने के लिए ट्राफिक पुलिस की जमकर खिंचाई की थी. अब ट्राफिक पुलिस के साथ होनेवाले दुर्व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई. 

क्या करना चाहते ही है सरकार

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आदेशों के अनुसार अब शहर के अधिकांश चौराहों के बीच ट्राफिक पुलिस की तैनाती की जा चूकी है. जहां से ट्राफिक का नियंत्रण किया जा रहा है. किंतु कई बार नियमों का उल्लंघन करनेवालों की ओर से ट्राफिक पुलिस के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है. यहां तक हमले भी किए गए हैं. जिसे अदालत ने गंभीरता से लेते हुए ट्राफिक कांस्टेबल की सुरक्षा तथा ऐसे हादसों से निपटने के लिए सरकार क्या उपाय करना चाहती है. इसका जवाब गृह सचिव और पुलिस आयुक्त को 20 अक्टूबर तक देने के आदेश जारी किए.