Arms, Nagpur

  • बिनेकर और तहसीन हत्याकांड के बाद पुलिस सख्त
  • 144 CRPS के तहत आदेश जारी
  • 122 लोगों की सूची शॉपक्लूज ने भेजी
  • 32 अपराधियों का सामने आया नाम
  • 29 के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई

नागपुर. ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर धड़ल्ले से हो रही जानलेवा हथियारों की बिक्री पर अब शहर पुलिस ने रोक लगा दी है. घरेलू और कृषि उपयोग के हथियारों पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन नियमानुसार अब कम्पनियां 9 इंच लंबाई और 2 इंच चौड़ाई से बड़े हथियार नहीं बेच पाएंगी. छोटे हथियारों की डिलेवरी की जानकारी भी अब कम्पनी को पुलिस को देनी पड़ेगी.

बाल्या बिनेकर हत्याकांड में उपयोग किए गए चाइना मेड हथियार आरोपियों ने अमेजॅन नामक साइट से खरीदे थे. इसके बाद यशोधरानगर थाना क्षेत्र में हुई मोहम्मद तहसीन नामक युवक की हत्या के आरोपियों ने भी शॉपक्लूज नामक साइट से हथियार मंगवाने की जानकारी दी. पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए अब धारा 144 सीआरपीसी के तहत आदेश जारी कर कम्पनियों पर सख्ती लाद दी है.

अपराधियों में मचा हड़कंप

शहर के अपराधियों में उस समय हड़कंप मच गया जब अचानक पुलिस उनके घरों में दबिश देने लगी. असल में यशोधरानगर थाना क्षेत्र में हुई हत्या की वारदात के हथियार शॉपक्लूज से मंगवाए गए थे. इसे देखते हुए सीपी अमितेश ने अधिकारियों को कम्पनी से अब तक डिलेवर किए गए हथियारों की जानकारी लेने को कहा. कम्पनी द्वारा तुरंत 122 लोगों की सूची उपलब्ध करवाई गई. सभी थानों को इसकी जानकारी दी गई. पुलिस हथियार खरीदने वाले हर व्यक्ति के घर पर पहुंची और रिकॉर्ड खंगाला. इनमें 32 अपराधियों द्वारा हथियार मंगवाए जाने का खुलासा हुआ. पुलिस ने सभी से हथियार जब्त कर लिए. 29 अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधक कार्रवाई की गई. एक पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. अन्य लोगों ने घरेलू उपयोग के लिए हथियार मंगवाए थे. 

…तो कम्पनी पर होगी कानूनी कार्रवाई : CP 

सीपी अमितेश ने बताया कि सभी कम्पनियों को हथियारों की ऑनलाइन डिलेवरी की जानकारी पुलिस को देनी होगी. 9 इंच लंबाई और 2 इंच चौड़ाई से बड़ा हथियार शहर में बेचा नहीं जाएगा. उससे छोटे हथियारों की डिलेवरी पर भी कम्पनियों को हथियार खरीदने वाले का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, खरीदे गए हथियार का विवरण, फोटो और डिलेवरी एड्रेस dcpcrime@nagpurpolice.gov.in पर देना होगा.

यदि जानकारी पुलिस को नहीं दी गई और हथियार से कोई वारदात होती है तो पुलिस कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई करेगी. फिलहाल इस आदेश को 45 दिन के लिए लागू किया गया है. यदि इस आदेश पर किसी को आपत्ति है तो 30 दिनों के भीतर उपरोक्त ईमेल आईडी पर अपना आपत्ति लिखकर भेज सकते हैं. इस पर ध्यान रखते हुए इस आदेश की कालावधि आगे बढ़ाई जाएगी.