बंद का APMC पर असर – आवक हुई प्रभावित

  • अनाज व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

नागपुर. किसान आंदोलन के समर्थन में बुलाए गए भारत बंद का कलमना कृषि उत्पन्न बाजार समिति पर भी असर नजर आया. किसानों के समर्थन में अनाज व्यापारियों ने मार्केट में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर अपना रोष जताते हुए नारे लगाए. वहीं फल मार्केट में भी रोज की तुलना में आवक प्रभावित रही.

सब्जी बाजार में माल की पूर्णत: आवक रही. यहां के किसानों ने बंद को अपना समर्थन तो दिया, लेकिन लोगों को सब्जी, फल सहित अन्य जरूरी चीजों की कमी न हो, इसका भी ध्यान रखा. इसे देखते किसानों ने अपना माल मार्केट में लाया. कलमना की तरह ही फुले सब्जी मार्केट में भी बंद का आंशिक असर नजर आया.

माल की आवक हुई, बिक्री नहीं

फल व्यापारियों ने भी किसानों आंदोलन को समर्थन देते हुए दूकानों के शटर डाउन रखे. इसमें रोज की तुलना में आधी से भी कम फलों की आवक रही. इसमें सबसे अधिक माल संतरों का ही आया. फल व्यापारियों के अनुसार माल तो आया, लेकिन बंद के चलते इसकी बिक्री नहीं हो पाई. माल वैसा का वैसा ही पड़ा रहा. मार्केट से कोई भी गाड़ी बाहर नहीं गई. बंद का असर होने के कारण मार्केट में रोज की तुलना में हलचल बहुत ही कम दिखी.  देखा जाये तो मार्केट में 70 प्रश कामकाज प्रभावित हुआ.

सब्जियों की आवक भरपूर

सब्जी व्यापारियों के अनुसार मार्केट में सब्जी की आवक रोज की तरह ही हुई. सब्जी ऐसा माल है कि एक बार गाड़ी में लोडिंग होने के बाद उसे रोका नहीं जा सकता. यह माल खराब होने का डर रहता है. मार्केट में आने वाले किसानों का कहना है कि हमारा बंद को पूरा समर्थन है, लेकिन सब्जियों को हम लोग रोक नहीं सकते. इसके चलते कलमना मार्केट में सब्जी मार्केट ही ऐसा रहा जहां पर सुबह से दोपहर तक चहल-पहल नजर आई. वहीं आलू-प्याज यार्ड में भी रोज की तुलना में भीड़ कम नजर आई. बाहर से आने वाले आलू-प्याज की आवक में भी गिरावट देखी गई.

अनाज बाजार में नहीं लगी बोली

कलमना धान्यगंज आड़तिया मंडल के आड़तियों ने अपनी पूरी दूकानें बंद रखकर आवाज बुलंद की. इसके चलते अनाज बाजार में बोलियां नहीं लग पाईं. वहीं माल की आवक भी ठप रही.

फुले मार्केट माल लेकर पहुंचे किसान

फुले मार्केट में लोकल सहित आसपास के गांव से आने वाले किसानों ने रोज की तरह ही अपना माल लाया. लेकिन आवक में थोड़ा असर नजर आया. यहां पर आने वाले किसानों का कहना है सरकार को मांग मानकर आंदोलन को शांत कराना चाहिए.