anil deshmukh

  • 3 माह पूर्व पुणे पुलिस ने की थी कार्रवाई
  • सी.ए., बैटरी कारोबारी,आईटी कंपनी पर भी छापे

नागपुर. महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के बहुत ही निकटवर्ती कारोबारी सहित सी.ए और आईटी फर्म के संचालक तथा बैटरी कारोबारी पर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने निशाना साधा है. सागर भटेवार को जानने वाले कहते हैं कि पैसे को यही कारोबार में तब्दील करता था. वैसे भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) यही खोज रही है कि गृह मंत्री ने पैसे कहां-कहां लगाये हैं. कुल 4 दल बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. आईटी पार्क स्थित आईटी कंपनी सिनेसिस, बैटरी कारोबारी समीक इशाक एवं एक नामी वकील को भी कार्रवाई में लपेटा गया है.

मंगलवार को हुई कार्रवाई से यह उजागर हो गया है कि भटेवार एवं कुछ अन्य लोग ही पैसे को अन्य कारोबार में लगा रहे थे. ईडी के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को भटेवार के साथ-साथ 3 अन्य जगहों पर भी कार्रवाई की गई है. ये लोग भी पूर्व मंत्री के काफी निकटवर्ती बताये जाते हैं. विभागीय अधिकारियों को घरों और कार्यालयों से बड़े पैमाने पर दस्तावेज मिले हैं जिसकी आगे जांच कर कार्रवाई की जाएगी. मंगलवार को सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही. वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं और जो शंका उन्हें थी उस दिशा में काफी कुछ हासिल हुआ है. यह तो कुछ दिनों की जांच के बाद ही पता चलेगा कि कागजात में कितना दम है. राज्य के कई स्थानों में कारोबार का खुलासा भी रेड में हुआ है.

पुलिस ले गई थी पुणे

फरवरी माह में पुणे में एक नकली फैक्टरी पकड़े जाने के बाद पुणे पुलिस ने भटेवार पर कार्रवाई की थी. पुणे से पुलिस नागपुर आई थी और भटेवार को पुणे लेकर गई थी. तब पुणे पुलिस को वास्तविकता का भनक नहीं था. लेकिन जैसे ही गिरफ्तारी हुई थी लोग बचाने के लिए मैदान में कूद गए थे. अंतत: तुरंत उन्हें रिहा भी कर दिया गया था. तब भी लोगों ने आशंका जताई थी कि मंत्री के निकटता के कारण फैक्टरी के संचालक छूट गए हैं. पुणे में गुटखा बनाने का फैक्टरी पकड़ा गया था. बाद में मामले को दबा दिया गया.

नामी CA पर भी कार्रवाई

सूत्रों ने बताया कि एक नामी चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यालय और आवास पर भी छापेमारी की गई है. राजेनताओं सहित बड़ा-बड़ा खाता बही इसी सी.ए. फर्म के पास रहता है. उक्त सीए पर कार्रवाई होने से वित्तीय क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. अब तक उक्त सी.ए.फर्म पर किसी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. बड़े-बड़े पक्ष-विपक्ष के राजनेताओं का अकाउंट इसी फर्म में है. सी.ए. का कार्यालय पागलखाना चौक पर, जबकि रहना बैरामजी टाउन में है. आईटी पार्क स्थित आईटी कंपनी में तो देररात तक ईडी की कार्रवाई जारी थी.