ताजुद्दीन बाबा ट्रस्ट में बड़ी धांधली, पूर्व अध्यक्ष-सचिव ने करोड़ों की रकम अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराई

    नागपुर. ताजाबाद, उमरेड रोड स्थित हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट में पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सचिव द्वारा करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया है. वर्तमान में ट्रस्ट का प्रबंधन संभाल रही समिति को जांच में मिला कि पूर्व अध्यक्ष मस्कासाथ, जागनाथ बुधवारी निवासी शेख हुसैन अब्दुल जब्बार ने ट्रस्ट के 1,48,00,379 रुपये और पूर्व सचिव इकबाल इस्माइल वेलजी ने 1,15,207 रुपये अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कराये.

    ट्रस्ट नियमों के तहत ऐसा करना कानूनी अपराध है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए वर्तमान अध्यक्ष प्यारे जिया खान द्वारा इस बाबत सक्करदरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस द्वारा शेख हुसैन और इकबाल वेलजी को नोटिस जारी किया गया है.

    क्या है मामला

    जिला न्यायाधीश, नागपुर द्वारा 2001 में शेख हुसैन और इकबाल वेलजी को ट्रस्ट का अध्यक्ष और सचिव नियुक्त किया था. बाद में दोनों की कार्यप्रणाली संदिग्ध नजर आने पर 15 अक्टूबर 2016 को ट्रस्ट के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित की गयी. हालांकि समिति ने 3 जून 2021 से काम शुरू किया. समिति द्वारा ट्रस्ट का लेखा-जोखा जांचने में भारी गड़बड़ी का पता चला.

    इसमें शेख हुसैन और इकबाल वेलजी द्वारा अपने अकाउंट में ट्रस्ट की बड़ी रकम ट्रांसफर करने का पता चला. नई समिति ने तुरंत ट्रस्ट का ऑडिट करवा दिया. ऑडिट में पता चला कि 2011 से 2016 के बीच शेख हुसैन ने 1,48,00,379 और इकबाल वेलजी ने 1,15,207 रुपये अपने व्यक्तिगत बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराये हैं. 

    चैरिटी कमिश्नर को नहीं दी ऑडिट रिपोर्ट

    इस दौरान समिति को एक और बात पता चली कि शेख हुसैन और इकबाल वेलजी ने अपने कार्यकाल के दौरान चैरिटी कमिश्नर के समक्ष ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट कभी पेश ही नहीं की. इससे शक और गहरा गया. दोनों के खिलाफ लिखे गए शिकायत पत्र में इसे श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी बताया गया.

    बाबा ताजुद्दीन की दरगाह पर हर दिन सैकड़ों हजारों श्रद्धालु आते हैं और अपनी क्षमतानुसार दान भी देते हैं. इस दान का हिसाब किताब ट्रस्ट की प्रबंधन समिति को रखना होता है कि दरगाह के विकास में इसका उपयोग हो. शेख हुसैन और इकबाल वेलजी द्वारा इतनी बड़ी रकम की हेराफेरी इन श्रद्धालुओं के साथ छल है.

    नहीं दिये नोटिस के जवाब

    वर्तमान प्रबंधन समिति ने शेख हुसैन और इकबाल वेलजी को इस बाबत सूचना पत्र भी भेजा. दोनों से करोड़ों की आर्थिक हेराफेरी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया. समिति ने नोटिस 28 जून, 2021 को भेजा था जो 29 और 30 जून को ही शेख हुसैन और इकबाल वेलजी को प्राप्त हो चुका है. समिति को अपने नोटिस का जवाब न मिलने पर सक्करदरा थाने में शिकायत दर्ज करानी पड़ी.

    अब पुलिस ने मांगा जवाब

    शिकायत मिलते ही पुलिस ने शेख हुसैन और इकबाल वेलजी को विभिन्न प्रश्नों के साथ नोटिस जारी किया और जवाब मांगे. सक्करादरा पुलिस में पीआई सीएम यादव (क्राइम) द्वारा जारी नोटिस में दोनों से 2011 से 2016 की बीच चैरिटी कमिश्नर को पेश ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई है. साथ ही आखिरी बार ट्रस्ट का ऑडिट कब किया गया, यह भी पूछा गया है.