Prashant Pawar

नागपुर. महामेट्रो के कर्मचारी की लड़की की बर्थ डे पार्टी चलती मेट्रो ट्रेन में आयोजित करने की अनुमति देने का जय जवान जय किसान संगठन द्वारा विरोध किया गया है. संगठन के अध्यक्ष प्रशांत पवार ने प्रेस-परिषद में चिमटी लेते हुए महामेट्रो प्रबंधन की जमकर खिंचाई की. उन्होंने कहा कि अपनी आय बढ़ाने के लिए अब महामेट्रो ट्रेन पार्टी मनाने के लिए भाड़े पर दे रहा है. वह अभिनंदन का पात्र है. उसे तो मेट्रो ट्रेन के साथ ही कोच, स्टेशन, इमारतों को भी पार्टी, शादी, बारसा, कवि सम्मेलन, तेरहवीं कार्यक्रम, व्याख्यान आदि आयोजन के लिए भाड़े पर देकर आय बढ़ानी चाहिए.

उन्होंने यह कहते हुए भी चुटकी ली कि रात 10 से सुबह 6 बजे तक अनुमति प्राप्त जुआ खेलने के लिए भी महामेट्रो की प्रापर्टी में सुरक्षित जगह मिल सकती है. शहर में अलग-अलग जगहों पर मेट्रो के स्टेशन व इमारत का उपयोग किया जा सकता है. पवार ने कहा कि 26 अप्रैल 2019 को संगठन की ओर से मेट्रो की आय बढ़ाने के लिए ट्रेन में भजन-कीर्तन का आयोजन कर हमने सहयोग किया था और अब मेट्रो प्रबंधन खुद ही बर्थ डे पार्टी के लिए अनुमति दे रहा है. इसका अभिनंदन किया जाना चाहिए.

2,500 करोड़ का घोटाला

पवार ने कहा कि 8,600 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार मेट्रो में कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन बांटने के लिए मेट्रो प्रबंधन के पास पैसे नहीं हैं. आगामी 50 वर्षों में भी मेट्रो की आय नहीं बढ़ने वाली है इसलिए उपरोक्त तरीकों से ही उसे अपनी आय निकालने का प्रबंध करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हमने बार-बार मेट्रो में 2,500 करोड़ के घोटाले, अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए जांच की मांग की है. आज नहीं तो कल इसकी सच्चाई भी सामने आ ही जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि मनीषनगर आरओबी को बिना टेंडर जारी किए नियमबाह्य तरीके से बनाने का कार्य किया गया है. 

प्रकल्प अधूरा, निधि खर्च

प्रेस-परिषद में बताया गया कि महामेट्रो को हाल ही भंडारा-काटोल-हिंगना-बूटीबोरी फेज-2 मेट्रो को सरकार से मंजूरी मिली है. यह वायबल नहीं होगा. 5बी साफ्टवेयर की जानकारी के अनुसार प्रकल्प अपूर्ण है और निधि पूरी खर्च हो चुकी है. 2-4 महीने के बाद कर्मचारियों के वेतन के लिए पैसे नहीं होंगे. ऐसी स्थिति में फेज-2 का ढिंढोरा पीटकर पैसा का जुगाड़ करने का प्रयास हो रहा है. प्रकल्प की कीमत बढ़ाकर भी कर्ज और लिया जा सकता है. पवार ने कहा कि फेज-2 को मंजूरी देना धोखादायक है. संगठन की ओर से फेज-1 के कार्यों की पूरी जांच करने की मांग की गई. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी  इस ओर ध्यान देंगे यह अपेक्षा उन्होंने जताई है. प्रेस-परिषद में मिलिंद महादेवकर, रवीन्द्र इटकेलवार, हरीश नायडू भी उपस्थित थे.