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  • देवलापार थाने के तहत वारदात

देवलापार. जिले के कस्बों और गांवों में स्थापित एटीएम मशीनों पर अपराधियों की निगाहें लगी हुई हैं. चोर एक-एक कर एटीएम सेंटरों को निशाना बना रहे हैं. इसी क्रम में बीते दो दिन पहले चोरों ने राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 44 पर स्थित देवलापार गांव में एटीएम मशीन को तोड़ने की कोशिश की. हालांकि वे कैश उड़ाने में नाकाम रहे. देवलापार थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर इस वारदात को अंजाम दिया जाना आश्चर्य की बात माना जा रही है.

जानकारी के अनुसार देवलापार पुलिस थाने से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है. इसी से जुड़ा एटीएम सेंटर भी है. पुलिस के अनुसार बीते 2 से 4 अक्टूबर के बीच अज्ञात अपराधियों ने एटीएम पर धावा किया. वे गैस कटर साथ लेकर आए थे. चोरों ने मशीन को कटर से पिघलाकर खोलने की कोशिश की लेकिन किसी कारण से वे नोटों तक नहीं पहुंच पाए. इस कोशिश में उन्होंने बैंक की मशीन को तोड़कर उसे 25 हजार रुपए का नुकसान पहुंचाया. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.

उल्लेखनीय है कि इसी घटना से एक दिन पहले चोरों ने रामटेक के एक एटीएम सेंटर पर सेंधमारी कर यहां से करीब 20 लाख रुपए का कैश चुरा लिया. बीते साल भर से नागपुर जिले में एटीएम सेंटरों को तोड़कर कैश उड़ाने की कई घटनाओं को चोर अंजाम दे चुके हैं. इनमें रामटेक की घटना में सबसे ज्यादा रकम से हाथ धोना पड़ा है.

बैंकों पर सवाल उठा रहे नागरिक
एटीएम तोड़कर कैश उड़ाने की घटना बैंकिंग कार्यप्रणाली की असुरक्षित व्यवस्था का नतीजा है, ऐसा आरोप नागरिक लगा रहे हैं. नागरिकों का सवाल है कि बैंक ग्राहकों से राशि की सुरक्षा और कई तरह के मेंटेनेंस के नाम पर नियमित भरपूर राशि वसूलते हैं. इसके अलावा लो बैंलेस, एटीएम ट्रांजेक्शन आदि पर भी राशि एकाउंट से काटी जा रही है. इन तरीकों से बैंक नागरिकों से करोड़ों वसूल रहे हैं तो फिर इतनी कमजोर सुरक्षा क्यों दे रहे हैं. इसके अलावा ऑनलाइन ठगी एक अलग समस्या बनी हुई है. नागरिकों का सवाल है कि क्या बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था अपराधियों के सामने इतनी बौनी हो गई है.