Ghantagadi Workers 01

    नागपुर. कोरोना का संक्रमण जैसे-जैसे कम हो रहा है, उम्मीदों की किरण फिर जागने लगी है. कुछ महीने पहले मायूस होकर लौटे मजदूर अब वापस रोजी-रोटी की तलाश में नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में पहुंच रहे हैं. लौटने वाले मजदूरों में इन दिनों सबसे ज्यादा संख्या छत्तीसगढ़ के मजदूरों की है. बुधवार को बस और ट्रेन और अन्य माध्यम से नागपुर पहुंचे मजदूरों को विभिन्न चौक-चौराहों पर देखा गया.

    नागपुर में लॉकडाउन में थोड़ी छूट मिलने के बाद भी सड़कों पर मजदूरों की चहल-पहल भी देखी गई. लॉकडाउन की वजह से कई तरह की फैक्ट्रियांऔर दूकानें बंद हो गई थी. जिसकी वजह से मजदूरों को नौकरी छोड़ कर वापस अपने गांव लौटना पड़ा था. लेकिन अब गम के बादल छंटने लगे हैं. मजदूर वापस काम की तलाश में पहुंच रहे हैं. जिससे कई लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. 

    लोहा पुल के पास लगी भीड़

    बुधवार को मजदूरों का एक समूह लोहा पुल के पास सड़क पर मौजूद दिखा. वे अपने पूरे सामान और परिवार के साथ नागपुर पहुंचे थे. उन्होंने पूछने पर बताया कि कई महीनों से बेरोजगारों की तरह घर पर समय बिता रहे थे. अब नई उम्मीद लेकर वापस नागपुर आए हैं. कुछ काम मिल जाए और बंद काम वापस शुरू हो जाए तो हमारा भी पेट भर जाएगा.

    पड़ोसी राज्य के ज्यादा मजदूर 

    लॉकडाउन के बाद वापस महाराष्ट्र आने वालों में सबसे ज्यादा मजदूरों की संख्या पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की है. यहां से रोजाना करीब 300 से 500 मजदूर वापस आ रहे हैं. लॉकडाउन में छूट मिलने की वजह से मजदूरों को राज्य में उम्मीद की नई किरण नजर आई है. जिसे पाने के लिए मजदूर वापस पूरे परिवार के साथ यहां पहुंचे हैं.

    सावधानी भी जरूरी 

    महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी कम देखी गई है. यही कारण है कि छत्तीसगढ़ ने लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन खोल दिया है. वहीं नागपुर जिले में भी दोपहर 2  बजे तक सभी तरह के दूकानों को खोलने की अनुमति दी गई है. ऐसे में मजदूरों का आना प्रशासन के लिए चुनौती भी है. उनका टेस्ट और उन्हें सही व सुरक्षित रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है.

    कार्यों में आएगी तेजी

    मजदूरों के वापस आने से सिटी में हो रहे विकास कार्यों में भी अब तेजी आ सकती है. मजदूरों के पलायन की वजह से कई सारे काम अटक गए थे. लेकिन वापस अब समय जब ठीक हो रहा है तो ऐसे में मजदूरों की आमद की वजह से अटके हुए निर्माण कार्य, विकास कार्यों में भी तेजी आएगी. जिससे सिटी का तेजी से विकास हो सकेगा. कई ठेकेदारों ने मजदूर न मिलने की वजह से काम को बंद कर दिया था.