Lockdown in Nagpur

    नागपुर. कोरोना के दूसरी लहर की चेन को ब्रेक करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सात दिनों का कड़ा लॉकडाउन लागू कर दिया है. पहले दिन सोमवार को नागरिकों को भारी प्रतिसाद मिला. सभी ने प्रशासन का सहयोग किया. केवल नौकरीपेशा वर्ग को सीमित संख्या में छूट दी गई थी. वहीं, शहर सीमा के बाहर इंडस्ट्रीयल एरिया में कार्यरत कामगारों-कर्मचारियों को भी नौकरी पर जाने-आने की छूट थी. उन्हें अपना आई कार्ड साथ रखना जरूरी थी. वहीं, बुजुर्गों को वैक्सीन लगाने बाहर निकलने की छूट थी. अतिआवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को भी छूट थी, इसलिए सिटी की सड़कों पर ये ही नजर आए. बावजूद इसके दुपहिया वाहनों में जो डबल सवारी थी उन पर पुलिस ने कार्रवाई की क्योंकि सिंगल सवारी को ही छूट दी गई थी. 15 से 21 मार्च तक लगाए गए लॉकडाउन के पहले दिन कुल मिलाकर नागरिकों का उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है. पालक मंत्री नितिन राऊत ने साथ देने के लिए नागरिकों का आभार व्यक्त किया है.

    सीमा से सटे गांवों में भी वीरानी

    सात दिनों का लॉकडाउन पुलिस आयुक्तालय के तहत आने वाले सभी पुलिस थाना एरिया में लागू किया गया है. जिसके चलते हिंगना, सोनेगांव, कोराडी, कलमना, हुडकेश्वर आदि पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले पूरे इलाके में पुलिस का तगड़ा गश्त चलता रहा. हालांकि एक दिन पहले ही बिना कारण बाहर निकलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी जिसके चलते उपरोक्त इलाकों में दिनभर वीरानी छायी रही. सभी शालाएं, कॉलेज, कोचिंग, धार्मिक स्थल, सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजन, मंगल कार्यालय, लॉन्स रेस्टोरेंट, होटल, मॉल्स, बाजार, जिम, शराब की दूकानें बंद थीं. मेडिकल, सब्जी-फल, डेयरी, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, किराना, चिकन-मटन की दूकानें खुली रखी गई थीं लेकिन इनमें भी भीड़ नहीं नजर आई. 

    मॉर्निंग वाक में रही भीड़

    लॉकडाउन की घोषणा के बाद भी सुबह की सैर करने वालों की भीड़ सुबह करीब 7-8 बजे तक हर इलाके में देखी गई. दरअसल, इतनी सुबह पुलिस अपने बंदोबस्त की तैयारी में लगी हुई थी. गश्त शुरू नहीं हुई थी जिसका फायदा उठाते हुए बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वाक के लिए घरों से निकले. मानेवाड़ा सीमेन्ट रोड, मेडिकल परिसर, सिविल लाइन्स, तेलनखेड़ी, सेमिनरी हिल्स, बेसा आदि इलाकों में रोज की तरह ही लोगों को समूह बनाकर वाकिंग करते देखा गया. इस दौरान कुछ अन्य दूकानदारों को भी अपना काम निपटाने के लिए शटर खोलते देखा गया. हालांकि एक-दो घंटे में इन लोगों ने दूकान बंद कर दिया. सुबह-सुबह लगने वाले चाय-नाश्ता व जूस के ठेलों में लोगों की भीड़ देखी गई. चाय व पोहा बेचने वालों को साइकिल में बड़ी केतली में चाय बेचते व डिस्पोजल प्लेटों में पोहा बेचते देखा गया. कुछ बस्तियों में पुलिस कर्मियों को बाइक से गलियों में देर शाम से ही गश्त लगाते देखा गया. ये कर्मी एक से अधिक संख्या में घूमने वालों को चेतावनी देकर घर भेजते नजर आए. इवनिंग वाक के लिए समूह में निकलने वालों को चेतावनी देकर घर भेजा गया. 

    सिटी में प्रवेश न करें

    जिला प्रशासन ने ग्रामीण भागों के नागरिकों से अपील की है कि गंभीर मेडिकल कारण या अत्यावश्यक कार्य के बना सिटी में प्रवेश नहीं करें. अगर प्रवेश करना है तो संबंधित आवश्यक कागजात साथ में जरूर रखें क्योंकि पुलिस को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. अपनी आईडी भी साथ रखें. सिटी में भी जो नागरिक घरों के बाहर निकल रहे हैं उन्हें आईडी साथ रखना होगा, साथ ही बाहर निकलने का ठोस कारण भी पुलिस द्वारा पूछे जाने पर बताना होगा. 

    7 दिन दें साथ : पालक मंत्री

    पालक मंत्री नितिन राऊत ने लॉकडाउन के पहले दिन नागरिकों व व्यापारियों से मिले प्रतिसाद के लिए आभार जताया है. उन्होंने ठीक इसी तरह पूरे 7 दिन नागरिकों से साथ देने की अपील भी की है. उन्होंने कहा कि, ‘मैं जवाबदार’ के भाव से कोविड प्रोटोकाल का पालन करना आवश्यक है. अनावश्यक भीड़ से बचना चाहिए. प्रशासन को अधिक सख्ती के लिए मजबूर नहीं करें. उन्होंने कहा कि ब्यारी, दूकानदार, चिल्लर विक्रेता, छोटे व्यापारियों के लिए यह निर्णय कठिन है लेकिन जान बचाने के लिए यह जरूरी है. कोरोना को मात करने के लिए ट्रेकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट त्रिस्तरीय कार्य जिले में शुरू है. जांच की संख्या बढ़ाई है और वैक्सीन भी तेजी से लगाए जा रहे हैं लेकिन नागरिकों के सहयोग से ही कोरोना को मात दिया जा सकता है.