मोबाइल से मिला हत्यारों का सुराग, 23 तक पीसीआर, 1 महीने से टाल रहा था उमेश

नागपुर. सक्करदरा थानांतर्गत आशीर्वादनगर के एनआईटी गार्डन के समीप हुई सब्जी व्यापारी उमेश ढोबले की हत्या में 6 लाख के लेन-देन का विवाद सामने आया है. उमेश के मोबाइल के जरिए पुलिस को आरोपियों का सुराग मिला और कुछ घंटों में ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. पकड़े गए आरोपियों में आशीर्वादनगर निवासी शेख शाकिर शेख हसन (30) और टिमकी निवासी सैयद इमरान सैयद जमील (24) का समावेश है.

गुरुवार को पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया. अदालत ने दोनों को 23 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए है. उमेश ने 6 वर्ष पहले सब्जी का व्यापार शुरु किया. शाकिर भी आलू-प्याज का थोक व्यापार करता है. शुरुआत से ही उमेश ने शाकिर से माल खरीदना शुरु किया. उसपर 6 लाख रुपये की उधारी हो चुकी थी. कई बार शाकिर ने रुपयों की मांग की, लेकिन उमेश टालमटोल करता रहा. इसी बीच लॉकडाउन शुरु हो गया. उमेश ने शाकिर को छोड़कर दूसरे व्यापारियों से माल लेना शुरु कर दिया.

इस बात की जानकारी शाकिर को थी. उसने उमेश पर रकम अदा करने के लिए दबाव डालना शुरु किया. पिछले 1 महीने से वह लगातार उमेश को फोन कर रहा था. उमेश उसके फोन का जवाब नहीं देता था. इस वजह से शाकिर चिढ़ा था. बुधवार की शाम शाकिर ने उसे बातचीत कर रास्ता निकालने के बहाने आशीर्वादनगर में बुलाया. उमेश ने पैसे लौटाने का भरोसा दिलाया. शाकीर उसकी गाड़ी में बैठकर एनआईटी गार्डन के पास गया, जबकि इमरान दूसरे वाहन पर साथ चल रहा था. इसी बीच दोनों का विवाद शुरु हो गया. शाकिर ने पीछे से उमेश के सिर पर देसी कट्टे से गोली मार दी. इमरान के साथ गाड़ी में बैठकर फरार हो गया.

घटनास्थल पर पुलिस को उमेश का मोबाइल मिला. उसी से उमेश की शिनाख्त हुई. मोबाइल के मैसेज और कॉल डिटेल खंगाली गई. आखरी कॉल उसे शाकिर ने ही किया था. पुलिस ने तुरंत शाकिर को और उसकी निशानदेही पर इमरान को गिरफ्तार कर लिया. मामले की जांच इंस्पेक्टर सत्यवान माने कर रहे है.