Ravindra Thakre

    नागपुर. कोरोना की तीसरी लहर से बचने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम को देखते हुए प्रशासन अभी से ही तैयारियों में जुट गया है. कलेक्टर रवींद्र ठाकरे ने पीएचसी मेंटरशिप परियोजना के संबंध में आईएमए नागपुर ब्रांच का दौरा किया जिसमें उन्होंने कोविड-19 के इस दौर में जरूरी इंतजाम के बारे में भी जानकारी ली.

    आईएमए नागपुर के अध्यक्ष  डॉ. संजय देवतले ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. वहीं इस मौके पर भानुदास कुलकर्णी, डॉ. सुनील और छाया लांजेवार ने कलेक्टर का सम्मान किया. कलेक्टर ने डॉ. वैशाली शेलगांवकर, प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग, आईजीजीएमसी, नागपुर को राष्ट्रीय आईएमए कोविड योद्धा पुरस्कार प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी और उन्हें प्रोत्साहित किया.

    डॉ. प्रशांत निखाड़े ने कहा कि सरकार को इस परियोजना में काम करने के पैटर्न की जानकारी देनी चाहिए. कोविड केयर सेंटर या डेडिकेटेड कोविड सेंटर्स में मरीजों को संभालने और शिफ्ट करने के लिए इमरजेंसी पर भी चर्चा की गई. डॉ. वाई.एस. देशपांडे के पूर्व अध्यक्ष आईएमए एमएस ने कलेक्टर को सुझाव दिया कि पीएचसी रोगियों के लिए कोविड सेंटर में बेड की संख्या भी निर्धारित की जानी चाहिए. 

    प्रशासन को रहना होगा अलर्ट

     कार्यक्रम में प्रशासन ने जहां तैयारियों की जानकारी ली तो वहीं आईएमए ने प्रशासन को कई बेहतर सुझाव भी दिए. पू्र्व अध्यक्ष डॉ. अर्चना कोठारी, डॉ. सुनील लांजेवार ने दवाओं और ऑक्सीजन जैसे बुनियादी सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग की. आईएमए के काउंसलर डॉ. भानुदास जी. कुलकर्णी ने योजनाओं की जानकारी दी. डॉ. अशोक संरक्षक आईएमए ने कहा कि आईएमए लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार है. डॉ. मंजुषा गिरी उपाध्यक्ष, आईएमए और डॉ. सचिन गाठे, सचिव आईएमए ने भी अपने विचार रखे.