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  • मनपा ने घोषित किया कन्टेन्मेंट जोन

नागपुर. कोरोना से निपटने के लिए भले ही हर स्तर पर कड़े कदम उठाते हुए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हो, लेकिन कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. यहीं कारण है कि कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने के बाद मनपा की ओर से नियमों के अनुसार कन्टेन्मेंट जोन घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. गुरूवार को मनपा की ओर से जहां 4 परिसर सील किए गए, वहीं 1 परिसर के कन्टेन्मेंट जोन का दायरा सीमित किया गया. वहीं एक कन्टेन्मेंट जोन को प्रतिबंधित क्षेत्र से रद्द कर दिया गया.

हनुमाननगर जोन के 2 परिसर सील
मनपा आयुक्त मुंढे के आदेशों के अनुसार गुरूवार को हनुमाननगर जोन के 2 परिसर को सील किया गया. हनुमाननगर जोन अंतर्गत प्रभाग 32 स्थित उदय नगर के उत्तर पश्चिम में राजेन्द्र चंद्रयान के आवास, उत्तर पूर्व में रामदास चौधरी के आवास, दक्षिण पूर्व में देवराव काटोले के आवास तथा दक्षिण पश्चिम में गुरुईश्वर शिवाचार्य स्वामि स्मृति मंदिर, इसी जोन के प्रभाग 34 स्थित भोले नगर अर्ना-2 नामक इमारत में भी कोरोना पाजिटिव मिलने से पूरी इमारत को ही सील किया गया.

इसके अलावा हाटस्पाट के रूप में उजागर हो रहे सतरंजीपुरा जोन अंतर्गत प्रभाग 20 के लालगंज नाईकवाडी के पूर्व में मांजरखेडे के आवास, दक्षिण में भीसीकर के आवास, पश्चिम में गिरमाजी सावजी के आवास तथा उत्तर में बिनेकर के आवास तक, मंगलवारी जोन अंतर्गत प्रभाग 11 में झींगाबाई टाकली, रजत एनक्लेव के दक्षिण पूर्व में पुरूषोत्तम सुपर बाजार, दक्षिण पश्चिम में मनपा प्राथमिक स्कूल, उत्तर पश्चिम में अशोक विलायतकर के आवास तथा उत्तर पूर्व में सिद्धी विनायक बिल्डिंग तक का परिसर प्रतिबंधित किया गया.

मेहबूबपुरा, संघर्ष नगर को राहत
एक ओर जहां मनपा की ओर से कुछ परिसर को प्रतिबंधित घोषित किया गया, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से कोरोना का कोई भी मरीज नहीं मिलने के कारण आसीनगर जोन अंतर्गत मेहबूबपुरा संघर्ष नगर को प्रतिबंधित क्षेत्र की सूची से बाहर किया गया. विशेषत: गत 28 दिनों से इस परिसर में कोई भी पाजिटिव मरीज नहीं मिलने के बाद उक्त निर्णय लिया गया. इसके अलावा प्रभाग क्रमांक 28 स्थित दिघोरी में योगेश्वर नगर के दायरे को सीमित करने का निर्णय लिया गया. नए आदेशों के अनुसार योगेश्वर नगर के उत्तर में कृष्णा खोबरागडे के आवास, उत्तर पूर्व में विलास कांबले के आवास, पूर्व में अंजनाबाई डडमल के आवास, लक्ष्मीबाई हरडे के आवास, दक्षिण पूर्व में नवदुर्गा माता मंदिर और दक्षिण पश्चिम  में गणेश नवघरे के आवास तक का दायरा सीमित किया गया.