corona death
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  • टेस्टिंग की रफ्तार पड़ी धीमी

नागपुर. प्रशासन का मानना है कि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है. यही वजह है कि लोगों को सावधानी बरतने और नियमों का पालन करने की हिदायद दी जा रही है, लेकिन एक बार फिर टेस्टिंग की गति धीमी पड़ गई है. ग्रामीण भागों में गिनती की टेस्टिंग हो रही हैं. इस बीच सोमवार को चौबिस घंटे के भीतर 30 मरीजों की मौत हो गई. इसमें सिटी के 19 मरीजों का समावेश रहा. जबकि 11 मरीज जिले से बाहर के रहे. इसके साथ ही अब तक मरने वालों की संख्या 2820 हो गई है.

रविवार की शाम से लेकर सोमवार की शाम तक कुल 4931 लोगों की जांच की गई. इनमें सबसे अधिक 2101 एंटिजन टेस्ट का समावेश रहा. इसमें 658 लोगों में संक्रमण पाया गया. इसके साथ ही अब तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 87230 हो गई है. डाक्टरों का मानना है कि सर्दी के सीजन में एक बार फिर बीमारी पैर फैला सकती है. इस हालत में अधिकाधिक लोगों की जांच करना अनिवार्य हो गया है. लेकिन टेस्टिंग की धीमी होती गति देखकर लग रहा है कि प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता नहीं बरती जा रही है. 

ग्रामीण भागों में नहीं दिख रही गंभीरता 

चौबिस घंटे के भीतर 30 मरीजों की मौत हो गई. पिछले सप्ताह में मौत का आंकडा कम हुआ था. लग रहा था कि अब राहत मिल रही है, लेकिन फिर से स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है. फिलहाल जिले में 7872 एक्टिव केस है.सोमवार को 894 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई. इस तरह अब तक 76538 मरीज हो चुके है. फिलहाल जिले में रिकवरी रेट 87.74 फीसदी हो गया है. जिले में अब तक कुल 523371 लोगों की जांच की जा चुकी है. इनमें करीब 4 लाख जांच अकेले सिटी में ही हुई है. जबकि ग्रामीण भागों में अब भी जांच धीमी गति से चल रही है. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकाधिक लोगों की जांच के बारे में गंभीरता नहीं बरती जा रही है. इस हालत में दिसंबर तक मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. 

शनिवार, रविवार को सुस्ती 

देखने में आ रहा है कि शनिवार और रविवार को जांच की गति धीमी हो रही है. अवकाश की वजह से शासकीय यंत्रणा भी सुस्त हो जाती है. रविवार को मेडिकल, मेयो और एम्स की ओपीडी भी बंद रहती है. साथ ही मनपा द्वारा जांच केंद्र बंद रखे जाते हैं. लेकिन वाइरस के लिए सभी दिन एक जैसे है. फिर सप्ताह के इन दो दिनों में ही सुस्ती क्यों बरती जा रही है. दो दिनों तक जांच कम होने का सीधा मतलब है कि दो दिन संक्रमण का बढ़ना. यदि कोई व्यक्ति इन दो दिनों में अपनी जांच नहीं कराता तो वह अपने संपर्क में आने वालों को संक्रमित कर सकता है. इसके बाद भी प्रशासन द्वारा गंभीरता नहीं बरती जा रही है. 

– 87230 कुल संक्रमित 

– 2820 की मौत

– 76538 हुये ठीक 

– 658 सोमवार को पाजिटिव