Coronavirus
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  • सरकार का विभागों से सतत फालोअप

नागपुर. डाक्टरों ने संभावना व्यक्त की है कि 15 दिसंबर के बाद कोरोना का कहर एक बार फिर बढ़ सकता है. यही वजह है स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियां जोरों पर चल रही है. वैद्यकीय शिक्षा मंत्रालय की ओर हर दिन राज्यभर के मेडिकल कालेजों से फालोअप लिया जा रहा है. साथ ही बेड की संख्या बढ़ाने सहित अन्य इंतजाम पर जानकारी ली जा रही है. यही वहज है कि अगले कुछ दिनों तक सावधानी और सतर्कता अनिवार्य है. ठंड बढ़ने से स्थिति तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

कोरोना की सेकेंड वेव की संभावना के बारे में सरकार ने 11 नवंबर को ही एडवाइजरी जारी की है. हालांकि इसमें सतर्क रहने और नियंत्रण से जुड़े तमाम इंतजाम करने के निर्देश दिये गये हैं. डाक्टरों का मानना है कि 15 दिसंबर के बाद कोरोना के मरीजों की संख्या में वृद्धी हो सकती है. वाइरस कुछ महीनों बाद अपना नेचर बदलता है. यदि सेकेंड वेव की क्षमता अधिक रही तो परिणाम पहली बार की तुलना में ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं. डाक्टरों का कहना है कि ठंड के दिन होने से दोहरी समस्या निर्माण हो सकती है. यही वजह है कि बीमारी से बचाव ही एकमात्र उपाय है. 

मेडिकल, मेयो में प्रशिक्षण

शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक डा अविनाश गावंडे ने बताया कि कोरोना बाधितों के उपचार में इन्टेन्सिव केयर विशेषजों की प्रमुख भूमिका रही है. अब यदि कोरोना सेकेंड वेव में अधिक तीव्रता के साथ लौटकर आता है तो फिर इन्टेन्सिव केअर विशेषजों की जिम्मेदारौ और बढ़ जाएगी. इन बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मेडिकल, मेयो में कोरोना बाधितों पर उपचार करने वाले डॉक्टरों को इन्टेन्सिव केअर के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाने वाला है. यह प्रशिक्षण 21 नवंबर तक पूर्ण हो जाएगा. अधिष्ठाता डॉ. सजल मित्रा के मार्गदर्शन में मेडिकल में ही प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे उपचार की नई पद्धति विकसित हो सकती है. इस हालत में कोरोना पीडितों को आधुनिक उपचार जल्द से जल्द मिल सकेगा. 

पाजिटिव की बढ़ी संख्या

मृत्युदर के मामले में नागपुर की राज्य के अन्य बड़े शहरों की तुलना में स्थिति ठीकठाक ही रही है. इसकी मुख्य समय पर संक्रमण का पता चलना और उपचार होना रहा है. लेकिन सेकेंड वेव से बचने के लिए पहले जैसी ही सतर्कता आवश्यक है. पिछले 2-3 दिनों के आंकड़े आने वाले दिनों के संकेत दे रहे हैं. यही वजह है कि अभी से सावधान होना भी जरुरी है. गुरुवार को 12 मरीजों की मौत हो गई. इस तरह अब तक 3550 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं 443 नये पाजिटिव मिले है. करीब 10 दिनों में पाजिटिव मरीजों की संख्या कम हुई थी, लेकिन एक बार फिर आंकडा बढ़ता नजर आ रहा है. चौबिस घंटे के भीतर 6297 लोगों के टेस्ट किये गये. इस तरह अब तक जिले में 107656 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है. फिलहाल जिले में 3508 एक्टिव केस है. इनमें अधिकांश मरीज होम आयसोलेशन में उपचार करा रहे हैं.