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  • न प्रदर्शनी, न गार्डन और न ही स्कैटिंग, बस घरों में कैद रहने को मजबूर

नागपुर. पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी बच्चों के समर सीजन पर कोरोना का लॉक लगा हुआ है. बढ़ते कोरोना के कारण बच्चे घर में कैद रहने के लिए मजबूर हैं. पैरेंट्स चाहते हुए भी उन्हें खेलने के लिए बाहर नहीं भेज पा रहे हैं. हर वर्ष गर्मी की शुरुआत होते ही ऑरेंज सिटी में स्विमिंग का क्रेज पूरे जोर पर रहता था. लेकिन पिछले 2 वर्ष से कोरोना महामारी की वजह से स्विमिंग पूल ही नहीं, बल्कि विविध स्पोर्ट्स क्लब, स्कैटिंग क्लब, बच्चों की प्रदर्शनी के साथ-साथ गार्डन और महाराजबाग जैसे जू तक लॉक हैं. समर सीजन होने के बावजूद बच्चों के एंजॉय पर लॉक लग गया है. गर्मी में सुबह 6 बजे से गुलजार होने वाले स्विमिंग पूलों में सन्नाटा छाया हुआ है, जिसके चलते तैराकी के शौकीन खिलाड़ियों और सीखने वालों में मायूसी छाई है. इसी तरह का हाल स्कैटिंग रिंग का बना हुआ है. इस कारण इन एक्टिविटिज से संबंधित जुड़ी वस्तुओं और परिधानों का कारोबार भी पूरी तरह से ठप हो गया है.

नहीं लगीं प्रदर्शनी और कैम्प

गर्मी का सीजन शुरू होते ही बच्चों के लिए कई स्थानों पर प्रदर्शनी और कैम्प की शुरुआत हो जाती थी. बड़े-बड़े मैदानों में लगने वाली प्रदर्शनी में बच्चों के लिए खेल के अलग-अलग साधन रहते थे. यानी की पूरी तरह बच्चों की धूम मस्ती का इंतजाम होता था, लेकिन पिछले 2 वर्षों से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई और घरों में कैद रहने के अलावा किसी तरह का कोई काम नहीं है. सुबह और शाम के समय चलने वाले फुटबॉल, वॉलीबॉल, जम्पिंग, कराटे सहित विविध कैम्पों के नहीं लगने से बच्चों की फिजिकल एक्टिविटिज भी बंद हो गई है. घर के घर में रहने से बच्चों में चिड़चिड़ाहट और अकेलेपन की आदत बढ़ गई है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण आयोजक चाहकर भी प्रदर्शनी या कैम्प नहीं लगा सक रहे हैं. इस समय छोटे बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस भी खत्म हो गई है. ऐसे में उन्हें घर के घर में खेलने के अलावा और कुछ नहीं बचा है. 

उठाना पड़ रहा है काफी नुकसान

स्पोर्ट्स दूकानदार हर्ष वर्मा बताते हैं कि पिछला वर्ष तो पूरा लॉकडाउन में गया था. इस वर्ष उम्मीद की जा रही थी कि स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जायेगी. इसके चलते गर्मी के सीजन की तैयारियां भी जमकर की गई थी, लेकिन इस बार की स्थिति पिछले वर्ष के मुकाबल और अधिक बिगड़ी हुई है. इसके चलते इस बार न तो किसी तरह के कैम्प लगे और न ही स्विमिंग पूल खुले. इसके चलते माल भी डिस्प्ले नहीं कर पाये और नुकसान भी उठाना पड़ा है. लोगों के जिम या कैम्प से संबंधित फोन आते हैं, लेकिन दूकानें बंद होने से उन्हें किसी तरह की चीजें नहीं मिल पा रही हैं. शहर में क्रिकेट के साथ अन्य खेलों की गतिविधियां भी बंद पड़ी हैं. बच्चों और अभिभावकों ने समान खरीदने से दूरी बना ली है. इसका काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है.

धरी रह गईं आईपीएल की तैयारियां

वे बताते हैं कि मनोरंजन से भरपूर आईपीएल भी कोरोना वायरस की भेंट चढ़ चुका है. आईपीएल के शुरू होने से पहले ही ऑरेंज सिटी के स्पोर्ट्स कारोबार करने वाले क्रिकेट से जुड़ी हर आइटम को रखना शुरू कर देते थे और डिस्काउंट ऑफर भी देते थे. लोग आईपीएल वाली टी-शर्ट सहित टोपियों की डिमांड करते थे. 

घूमने की तैयारियों पर फिर पानी

इस समर वेकेशन में कई अभिभावकों ने बच्चों के साथ घूमने-फिरने की योजना भी बनाई थी. सामान्य होती स्थिति को देखते हुए कइयों ने टिकट भी बुक करा ली थी लेकिन बिगड़ती कोरोना की स्थिति के कारण घूमने जाने की योजना पर ही पानी फिर गया है. कोरोना के कारण बच्चे अपने दादा-दादी या नाना-नानी के तक यहां नहीं जा पा रहे हैं.