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  • अधिक बिल की वसूली, आडिट में हुआ खुलासा

नागपुर. कोरोना के इलाज के लिए मनपा की ओर से कुछ निजी अस्पतालों को मंजूरी दी गई. किंतु इन अस्पतालों द्वारा मरीजों से अधिक बिल वसूली के मामले उजागर हो रहे है. जिसे लेकर मनपा की ओर से इन अस्पतालों द्वारा दिए जानेवाले बिल का आडिट करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की गई. इन आडिट में 16 अस्पतालों द्वारा अधिक वसूली किए जाने का मामला उजागर होते ही मनपा आयुक्त राधाकृष्ण बी के निर्देशों के अनुसार अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया.

वापस करें अतिरिक्त वसूली राशी

उल्लेखनीय है कि निजी अस्पतालों में उपचार के लिए राज्य सरकार की ओर से शुल्क निर्धारित किया गया है. अधिकारियों की ओर से किए गए आडिट में पीपीई कीट, कहीं पर बेड के चार्जेस, तो कहीं पर फिजीशियन के विजिट दर अधिक लगाए जाने के मामले उजागर हुए हैं. जिससे न्यूक्लिअस मदर एंड चाईल्ड सुपर स्पेशालिटी अस्पताल छत्रपति चौक, ओरियस इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, ग्रेस ऑर्थो हॉस्पीटल रविनगर, मेडिकेअर मल्टिस्पेशालिटी अस्पताल, कोराडी रोड, सेनगुप्ता अस्पताल रविनगर, सुश्रुत इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, रामदासपेठ, सेंट्रल अस्पताल रामदासपेठ, गंगा केअर अस्पताल रामदासपेठ, समर्पण अस्पताल एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट रामदासपेठ, सिम्स अस्पताल बजाजनगर, एव्हर शाईन अस्पताल,  भवानी मल्टिस्पेशालिटी अस्पताल एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट ट्रस्ट पारडी, सेव्हन स्टार अस्पताल ग्रेट नाग रोड, सनफ्लॉवर अस्पताल, विवेका अस्पताल, झेनिथ अस्पताल को नोटिस जारी कर वसूली गई अतिरिक्त राशी वापस करने के निर्देश दिए गए है. 

कुछ दिन कोरोना के आंकड़ों में दिखेगी वृद्धि

मनपा के अति. आयुक्त जलज शर्मा ने कहा कि ध्रुव पैथालाजी लैब की ओर से की गई आरटीपीसीआर जांच के आंकड़े अब आईसीएमआर के पोर्टल पर डालने की प्रक्रिया शुरू की गई है. मनपा आयुक्त के निर्देशों के अनुसार लैब की ओर से अब आईसीएमआर को जांच का डाटा उपलब्ध कराया गया है. अत: भले ही आंकड़ों में वृद्धि दिखाई दे, किंतु इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है. केवल डाटा को परिपूर्ण करने के लिए गत समय बच गए आंकड़े पोर्टल पर डाले जा रहे हैं.