America: cyber attack by Chinese citizens, computer network of Indian government also targeted

  • केवायसी के नाम पर खाते से उड़ाई रकम

नागपुर. साइबर ठग कितने शातिर है इस बात का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल आम नागरिक ही नहीं बल्कि पुलिस अधिकारी भी ठगी का शिकार हो रहे है. इसी तरह शहर के एक इंस्पेक्टर को साइबर ठग ने चूना लगा दिया. केवायसी अपडेट करने के नाम पर खाते से रकम उड़ा ली. अजनी पुलिस ने हनुमाननगर निवासी हनुमंत उरलागोंडावार की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. उरलागोंडावार कुछ महीने पहले तक अजनी पुलिस स्टेशन के ही थानेदार थे. अब उनकी पोस्टिंग यातायात पुलिस विभाग में है.

14 अक्टूबर को अज्ञात आरोपी ने उनके मोबाइल पर फोन किया. उन्हें बताया कि बैंक खाते का केवायसी अपडेट नहीं हुआ है. कोई भी ट्रांस्क्शन करने के लिए केवायसी होना जरूरी है. उसने ऑनलाइन केवायसी अपडेट करवाने की जानकारी दी. उरलागोंडावार ने आरोपी द्वारा बताई गई मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड की.

इस एप्लिकेशन में अपने खाते से जुड़ी जानकारी डालने को कहा. आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के हिसाब से ही उन्होंने अपने खाते की जानकारी डाली. आरोपी ने उनके खाते से 74,754 रुपये ऑनलाइन ट्रांस्फर कर लिए. दूसरे दिन उन्हें ठगी का पता चला. बैंक को व्यवहार की जानकारी दी और अजनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई. बताया जाता है कि साइबर पुलिस ने मामले की जांच भी शुरु कर दी है. 

एक और व्यक्ति को लगाया चूना

ऐसी ही एक ठगी अंबाझरी थाना क्षेत्र में भी सामने आई है. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया. 16 जून को अज्ञात आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल पर फोन किया और पेटीएम कंपनी का कर्मचारी होने की जानकारी दी. उन्हें बताया कि अकाउंट का केवायसी नहीं हुआ है. कोई भी ट्रांस्क्शन करने के लिए केवायसी जरूरी है. पीड़ित को विश्वास में लेकर आरोपी ने एनी डेस्क नामक एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा. जैसे ही पीड़ित व्यक्ति ने एप्लिकेशन में अपने बैंक खाते की जानकारी डाली. उनके खाते से 1.85 लाख रुपये ट्रांस्फर हो गए. पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की. पुलिस को जांच कर मामला दर्ज करने में 4 महीने लग गए, जबकि उपरोक्त मामले में पुलिस अधिकारी की शिकायत 2 दिन में दर्ज हो गई.